BILASPUR NEWS. रायपुर के होटल कारोबारी और न्यूज पोर्टल संचालक दीपक टंडन को बिलासपुर पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली के मामले में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसे रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट से पकड़ा। दीपक टंडन वही व्यक्ति है, जिसने पिछले साल दंतेवाड़ा में पदस्थ डीएसपी कल्पना वर्मा पर करीब 2.5 करोड़ रुपए की ठगी और कीमती सामान लेने का आरोप लगाया था। अब खुद दीपक की गिरफ्तारी से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस के मुताबिक, दीपक टंडन ‘द हनी बैजर’ नाम से न्यूज पोर्टल और यूट्यूब चैनल संचालित करता है। उस पर AI तकनीक के जरिए लोगों की तस्वीरों से छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक और भ्रामक तस्वीरें तैयार करने का आरोप है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन तस्वीरों को पोर्टल और सोशल मीडिया पर प्रकाशित कर बदनाम करने की धमकी दी जाती थी और इसके बदले रकम मांगी जाती थी। बिलासपुर जिले के तिफरा निवासी मणीशंकर पांडेय ने 29 अक्टूबर को सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी तस्वीरों को AI की मदद से एडिट कर सोशल मीडिया और न्यूज पोर्टल पर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान दीपक टंडन का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रैक की और रायपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इनमें कई फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप मिलने की जानकारी दी गई है। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इस प्रकरण में कोमल प्रसाद चौबे सहित कुछ अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

क्या है डीएसपी कल्पना वर्मा से जुड़ा विवाद?
दीपक टंडन 2025 के अंत में डीएसपी कल्पना वर्मा पर लगाए गए आरोपों के बाद चर्चा में आया था। उस समय उसने आरोप लगाया था कि कल्पना वर्मा ने उसे लव ट्रैप में फंसाकर करीब 2.5 करोड़ रुपए, कीमती गहने और लग्जरी कार ली। इस मामले के सामने आने के बाद डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया गया था। प्रकरण की जांच रिपोर्ट गृह विभाग को भेजी गई थी। अब ब्लैकमेलिंग और वसूली के आरोप में दीपक टंडन की गिरफ्तारी के बाद इस पुराने विवाद की भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, दोनों मामले अलग-अलग हैं और इनमें लगे आरोपों की जांच तथा कानूनी प्रक्रिया के निष्कर्ष अलग से तय होंगे।






































