MAHARASHTRA NEWS. मुंबई के भांडुप इलाके में एक शादी समारोह के दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शादी का खाना खाने के बाद दूल्हा-दुल्हन समेत 30 से अधिक लोगों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। किसी को पेट दर्द होने लगा तो किसी को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते शादी की खुशियां अफरा-तफरी में बदल गईं और लोगों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इस घटना के बाद मुलुंड स्थित बीएमसी के अग्रवाल अस्पताल समेत आसपास के दूसरे अस्पतालों में भी मरीजों को ले जाया गया। अग्रवाल अस्पताल में कुल 27 लोगों को भर्ती कराया गया है। इनमें 7 बच्चे भी शामिल हैं। राहत की बात यह है कि अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है।
अग्रवाल अस्पताल में 27 मरीज भर्ती, 7 बच्चे भी शामिल
जानकारी के मुताबिक, शादी में खाना खाने के कुछ समय बाद ही मेहमानों को पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। कई लोगों की तबीयत एक साथ बिगड़ने से परिवार में घबराहट फैल गई। इसके बाद बीमार लोगों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। रात करीब 11:40 बजे मुलुंड के अग्रवाल अस्पताल की इमरजेंसी में लगातार मरीज पहुंचने लगे। अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर के मुताबिक, यहां कुल 27 मरीजों को भर्ती किया गया है।
इनमें 11 महिलाएं, 9 पुरुष और 7 बच्चे शामिल हैं। डॉक्टरों की टीम सभी मरीजों का इलाज कर रही है। उन्हें जरूरी दवाएं और प्राथमिक उपचार दिया गया है। फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, उल्टी और शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या पूरी तरह नियंत्रित होने तक मरीजों को निगरानी में रखा गया है।
कैटरर्स पर खराब खाना परोसने का आरोप
इस घटना के बाद पीड़ित परिवार ने शादी में खाना तैयार करने और परोसने वाली कैटरिंग सर्विस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि मेहमानों को खराब या बासी खाना परोसा गया, जिसके चलते इतनी बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ गई। परिवार का कहना है कि शादी में शामिल बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग तक बीमार पड़ गए। जिस समारोह में सभी लोग खुशियां मनाने पहुंचे थे, वहां अचानक अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। हालांकि, खाने की गुणवत्ता और बीमारी की असली वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे से कार्रवाई की मांग
घटना से नाराज परिजनों ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के कमिश्नर तुकाराम मुंडे से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार चाहता है कि शादी में परोसे गए खाने के सैंपल की जांच हो और अगर कैटरिंग सर्विस की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। परिजनों ने दोषी पाए जाने पर कैटरर्स का लाइसेंस रद्द करने की भी मांग उठाई है।
शादी के जोड़े में अस्पताल पहुंचे दूल्हा-दुल्हन
इस घटना का सबसे भावुक पहलू यह रहा कि जिस दूल्हा-दुल्हन के लिए शादी का दिन जिंदगी की सबसे बड़ी खुशियों में से एक होना चाहिए था, उन्हें उसी दिन अस्पताल पहुंचना पड़ा।कुछ घंटे पहले तक शादी समारोह में संगीत, हंसी-मजाक और जश्न का माहौल था। लेकिन खाना खाने के बाद अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने से पूरा माहौल बदल गया। नई जिंदगी की शुरुआत के सपने देख रहे दूल्हा-दुल्हन को भी अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। फिलहाल सभी मरीजों का उपचार जारी है। अब इस मामले में खाने की गुणवत्ता और कैटरिंग सर्विस की भूमिका की जांच महत्वपूर्ण होगी।





































