MUMBAI NEWS. मुंबई के बोरिवली वेस्ट स्थित एक मॉल में महिला कर्मचारी से जबरन किस करने के मामले में डिंडोशी सेशंस कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 34 वर्षीय रितेश राजुभाई अरमुल्ला को दोषी ठहराते हुए एक साल की जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि पीड़िता की गवाही भरोसेमंद है और ऐसा कोई कारण सामने नहीं आया, जिससे लगे कि उसने आरोपी के खिलाफ झूठी गवाही दी हो।

वॉशरूम का रास्ता पूछा और फिर करने लगा पीछा
मामला बोरिवली पश्चिम के शिमपोली इलाके में स्थित एक मॉल का है। महिला यहां सेल्स गर्ल के तौर पर काम करती थी। पिछले साल 17 सितंबर को वह ड्यूटी के दौरान कोल्ड ड्रिंक लेकर बिलिंग काउंटर की तरफ जा रही थी।

इसी दौरान गुलाबी शर्ट पहने एक व्यक्ति ने उससे वॉशरूम का रास्ता पूछा। महिला ने उसे रास्ता बता दिया, लेकिन आरोपी बार-बार उससे वॉशरूम तक पहुंचाने की बात कहने लगा। महिला ने उसे आगे जाने के लिए कहा, जिसके बाद वह वहां से चला गया।

कुछ देर बाद आरोपी अचानक महिला के पास पहुंचा और कथित तौर पर उसे जबरन चूम लिया। इस दौरान दोनों नीचे गिर गए, लेकिन आरोप है कि आरोपी ने इसके बाद भी महिला को चूमना जारी रखा। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।

कोर्ट ने पीड़िता की गवाही को माना विश्वसनीय
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता और अन्य गवाहों के बयान पर विचार किया। गवाहों ने बताया कि आरोपी महिला के पीछे वॉशरूम की तरफ गया था और फिर मौका पाकर उसके साथ जबरदस्ती की।
अदालत ने माना कि पीड़िता आरोपी को घटना से पहले जानती तक नहीं थी। ऐसे में उसके आरोपी के खिलाफ झूठा बयान देने की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई। कोर्ट ने उपलब्ध सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर रितेश राजुभाई अरमुल्ला को दोषी करार दिया।
आरोपी को एक साल की जेल
डिंडोशी सेशंस कोर्ट ने आरोपी को महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के मामले में दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।






































