DURG NEWS. किसी हॉलीवुड या बॉलीवुड क्राइम थ्रिलर की तरह—जमीन के नीचे गड़ा खजाना, भट्टी में पिघलाया गया सोना, पुलिस से बचने के लिए गंगा नदी में नाव का सफर, चोरी के पैसों से खरीदी गई लग्जरी कारें और अंत में रात 3 बजे पुलिस की फिल्मी घेराबंदी। दुर्ग पुलिस ने वैशाली नगर में हुई लगभग एक करोड़ रुपये की सनसनीखेज चोरी का कुछ इसी अंदाज में पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने भिलाई से लेकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और भदोही (उत्तरप्रदेश) तक आरोपियों का पीछा कर अंतरराज्यीय गिरोह के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

सूने मकान को बनाया था निशाना
घटना 17 से 23 अक्टूबर 2026 के बीच की है। वैशाली नगर (सुंदर नगर) निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल अपने परिवार के साथ एक सप्ताह के लिए बाहर गई हुई थीं। जब वे लौटीं, तो घर की अलमारी से नकदी, सोने-चांदी और डायमंड के कीमती आभूषण गायब थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग पुलिस ने एसीसीयू और वैशाली नगर पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।

गंगा नदी में नाव से फरारी और फर्श के नीचे गड़ा खजाना
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से पुलिस को भिलाई के ही राहुल बंसोड़ और उसके साथियों की संदिग्ध गतिविधियों का सुराग मिला। पुलिस की दबिश शुरू होते ही आरोपी गोंदिया और नागपुर होते हुए उत्तरप्रदेश भाग निकले। यूपी के मिर्जापुर और भदोही में पुलिस ने डेरा डाला। आरोपी प्रदीप कुमार चौधरी पुलिस से बचने के लिए प्रयागराज और मिर्जापुर के बीच गंगा नदी में नाव से एक किनारे से दूसरे किनारे भागता रहा, लेकिन पुलिस ने उसे धर दबोचा। जब उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपी ने अपने हिस्से की नकदी और आभूषण घर के फर्श के नीचे गड्ढा खोदकर छिपा दिए थे, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया।

सबूत मिटाने ज्वेलर ने भट्टी में गला दिया सोना
चोरों ने सिर्फ माल नहीं चुराया, बल्कि सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की। भदोही (यूपी) स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल ने कम कीमत पर यह चोरी का सोना खरीदा और पहचान छिपाने के लिए उसे अपने घर की भट्टी में गलाकर उसका स्वरूप ही बदल दिया। पुलिस ने इस ज्वेलर और माल खपाने में मदद करने वाले सुजीत सिंह उर्फ बाबू को भी गिरफ्तार कर लिया है।
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चोरी के पैसों से खरीदे वाहन और करवाया बोरिंग
इस गिरोह ने चोरी के पैसों को जमकर उड़ाया। आरोपी प्रदीप ने इन पैसों से घर में बोरिंग करवाई, मकान की मरम्मत की और एक नई सुपर स्प्लेंडर बाइक खरीद ली। वहीं, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड राहुल बंसोड़ भिलाई से फरार होकर दिल्ली पहुंचा और वहां उसने एक सेकंड हैंड एक्स.यू.वी. कार (DL-10-N-1411) खरीदी। इसी वीआईपी कार में बैठकर वह वापस भिलाई भी लौट आया।
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रात 3 बजे की घेराबंदी और धरा गए आरोपी
मास्टरमाइंड राहुल बंसोड़ ने चोरी का माल अपने माता-पिता और भाई आयुष के पास छिपा दिया था। भिलाई पहुंचने पर जब राहुल को पुलिस की भनक लगी, तो वह सुपेला चौक के पास अपनी एक्स.यू.वी. कार छोड़कर भाग निकला। उसने अपने भाई और परिचितों से एक इनोवा कार (CG-11-I-9909) की व्यवस्था करवाई ताकि माल लेकर नागपुर की तरफ भागा जा सके। लेकिन दुर्ग पुलिस पहले से ही मुस्तैद थी। संभावित रास्तों पर जाल बिछाया गया और तड़के रात लगभग 3 बजे पुलिस की अलग-अलग टीमों ने आगे-पीछे से घेरकर इनोवा कार को रोक लिया। मौके से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, भारी मात्रा में आभूषण और वाहन जब्त कर लिए गए।

गिरफ्तार आरोपी और बरामद संपत्ति
पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चोरी करने वाले, माल छिपाने वाले, खरीदने वाले ज्वेलर और भागने में मदद करने वाले सहयोगी शामिल हैं। इनमें मुख्य रूप से यूपी का प्रदीप चौधरी, ज्वेलर सोनू जायसवाल, मास्टरमाइंड राहुल के पिता रविन्द्र बंसोड़, मां किरण बंसोड़, भाई आयुष बंसोड़ और अन्य सहयोगी रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार व अमन सिंह शामिल हैं। मास्टरमाइंड राहुल बंसोड़ अभी फरार है।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 47.64 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण व बिस्किट, एक एक्स.यू.वी. कार, एक इनोवा, एक नई मोटरसाइकिल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित करीब 1 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि लंबे समय तक घर सूना छोड़ने पर संबंधित थाने को जरूर सूचित करें और घर में कीमती आभूषण व भारी नकदी रखने से बचें।




































