MUNGELI NEWS. मुंगेली जिले के प्रसिद्ध खैरासेतगंगा धाम में इन दिनों मेला समिति को लेकर भारी घमासान मचा हुआ है। समिति के कथित मनमाने संचालन और एकाधिकार से नाराज ग्रामवासियों, वरिष्ठ नागरिकों और समाज के लोगों ने बड़ा कदम उठाते हुए मंगल भवन के दरवाजे पर ताला जड़ दिया है। ग्रामीणों ने एक स्वर में वर्तमान मेला समिति को भंग करने की घोषणा कर दी है और अब गांव में नई कार्यकारिणी के गठन की सरगर्मी तेज हो गई है। गांव में फिलहाल चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर मेला समिति में कौन अपना खेल खेल रहा है और किसकी नजर समिति पर टिकी है।

पंजीयन में हेरफेर और एकाधिकार की कोशिश
ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि खैरासेतगंगा मेला समिति पहले से ही एक पंजीकृत संस्था है, इसके बावजूद कुछ लोगों द्वारा नए सदस्यों को शामिल कर इसका दोबारा पंजीयन कराने की गुपचुप कोशिश की गई। समिति के नाम में बदलाव करने और गिने-चुने लोगों द्वारा एकाधिकार स्थापित करने के प्रयासों ने इस पूरे विवाद को हवा दी। इसी मनमानी के चलते ग्रामवासियों और वरिष्ठ नागरिकों को मैदान में उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।

मंगल भवन से रोके जाने पर बिगड़ी बात
विवाद का एक बड़ा कारण मंगल भवन पर नियंत्रण का प्रयास भी रहा। वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें भवन में सामाजिक बैठकें करने और बैठने से रोका जाने लगा। आरोप है कि कुछ लोगों ने भवन के ताले और चाबी बदल दिए ताकि वहां अपना पूरा नियंत्रण स्थापित किया जा सके। सार्वजनिक भवन पर इस तरह के कब्जे की कोशिश से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और आखिरकार ग्रामीणों ने खुद भवन पर अपना ताला जड़ दिया।

सतनाम भवन के स्थान चयन पर भी भारी बवाल
मंगल भवन के अलावा ‘सतनाम भवन’ के निर्माण को लेकर भी भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन कहां बनेगा, इसके लिए आमसभा (ग्रामसभा) में कोई प्रस्ताव पारित नहीं किया गया और मनमाने तरीके से निर्माण स्थल का चयन कर लिया गया। मामले को सुलझाने के लिए बुलाई गई लगातार दो बैठकों में भी संबंधित पदाधिकारियों ने आना मुनासिब नहीं समझा, जिससे ग्रामीणों का आक्रोश और भड़क गया।
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अब गांव की अगुवाई में बनेगी नई टीम
वर्तमान मेला समिति की कार्यप्रणाली से त्रस्त आकर ग्रामवासियों ने इसे पूरी तरह भंग कर दिया है। अब गांव की अगुवाई में एक नई और पारदर्शी कार्यकारिणी के गठन की तैयारी चल रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद खैरासेतगंगा के ग्रामीण यह जानना चाहते हैं कि पर्दे के पीछे आखिर कौन है जिसकी नजर मेला समिति पर है। फिलहाल सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मंगल भवन का ताला कब खुलेगा और मेला समिति की कमान किन नए और साफ-सुथरे चेहरों के हाथों में सौंपी जाएगी।






































