DURG NEWS. अगर आप भी बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाले अपने किसी परिचित, दोस्त या नाबालिग को अपनी गाड़ी चलाने के लिए दे देते हैं, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ी चेतावनी है। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई एक युवक की दर्दनाक मौत के मामले में दुर्ग के सत्र न्यायालय ने एक ऐतिहासिक और जागरूक करने वाला फैसला सुनाया है। न्यायालय ने न केवल हादसे को अंजाम देने वाले चालक को 5 साल की सजा सुनाई है, बल्कि बिना लाइसेंस वाले को अपनी बाइक देने वाले वाहन मालिक को भी 3 महीने के लिए जेल भेज दिया है।

यह अहम फैसला सत्र न्यायाधीश श्री के. विनोद कुजूर की अदालत ने सुनाया। मामला 4 अगस्त 2025 का है। रात करीब 8:30 बजे कोहका स्थित इंदु आई.टी. स्कूल के पास मोहित कुमार बघेल अपनी मोटरसाइकिल (CG-07-CW-2768) को बेहद खतरनाक तरीके से और विपरीत दिशा (रॉन्ग साइड) में दौड़ा रहा था। इसी दौरान उसने सामने से आ रही एक्टिवा (CG-19-A-2771) को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में एक्टिवा चालक शादान अली को गंभीर चोटें आईं और उनकी जान चली गई, जबकि उनके पीछे बैठे उत्तम कुमार पाण्डेय भी घायल हो गए।

कोर्ट ने माना दोनों को जिम्मेदार
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्गों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। नए आपराधिक कानून ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023’ और ‘मोटर यान अधिनियम’ के तहत अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया:

1. चालक मोहित कुमार बघेल (जिसने एक्सीडेंट किया): न्यायालय ने मोहित को BNS की धारा 105 और 110 के साथ-साथ मोटर यान अधिनियम की धारा 184 और 3/181 (बिना लाइसेंस ड्राइविंग) के तहत दोषी पाया। उसे कुल 5 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। उसकी सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।
2. वाहन मालिक मोहन लाल बघेल (जिसने गाड़ी दी): न्यायालय ने यह माना कि अपनी गाड़ी ऐसे व्यक्ति को देना जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, एक गंभीर अपराध है। मोटर यान अधिनियम की धारा 5/180 के तहत वाहन मालिक मोहन लाल को भी 3 माह के साधारण कारावास और ₹5,000 के जुर्माने से दंडित किया गया है।
जनता के लिए क्या है सबक?
यह फैसला समाज के लिए एक बड़ा सबक है कि सड़क पर वाहन चलाना केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि एक विधिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। अपने बच्चों या परिचितों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन देना किसी दूसरे के घर का चिराग बुझा सकता है, और साथ ही आपको भी सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है। सुरक्षित चलें, यातायात नियमों का पालन करें और जिम्मेदार नागरिक बनें।







































