JHANSI NEWS. देश की पारंपरिक खेल विधाओं में शामिल मल्लखंभ को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की पहल झांसी में देखने को मिली। शहर की प्रसिद्ध लक्ष्मी व्यायामशाला में तीन दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की मल्लखंभ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें देश के 16 राज्यों से 400 से ज्यादा बच्चों ने हिस्सा लिया। तमिलनाडु, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़ और ओडिशा समेत कई राज्यों से पहुंचे खिलाड़ियों ने मल्लखंभ के खंभे पर अपनी ताकत, संतुलन, लचीलापन और फुर्ती का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों की कठिन कलाबाजियों ने प्रतियोगिता देखने पहुंचे लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।

मल्लखंभ के जरिए नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश
आयोजन समिति की सदस्य माला मेहरोत्रा ने बताया कि प्रतियोगिता का आयोजन लक्ष्मी व्यायामशाला में किया गया, जिसका मल्लखंभ प्रशिक्षण से पुराना संबंध रहा है। उनके मुताबिक, व्यायामशाला लंबे समय से इस पारंपरिक खेल को बढ़ावा देने और बच्चों को प्रशिक्षण देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में बच्चों का झांसी पहुंचना दिखाता है कि युवाओं के बीच मल्लखंभ को लेकर आज भी उत्साह मौजूद है।

शरीर के साथ एकाग्रता की भी परीक्षा
मल्लखंभ में सिर्फ शारीरिक ताकत ही नहीं, बल्कि संतुलन, लचीलापन, एकाग्रता और शरीर पर नियंत्रण का भी महत्वपूर्ण योगदान होता है। खिलाड़ियों को खंभे पर अलग-अलग कठिन मुद्राएं और कलाबाजियां करते हुए अपना संतुलन बनाए रखना पड़ता है। प्रतियोगिता में शामिल बच्चों ने अपने अभ्यास के दम पर कई मुश्किल करतब प्रस्तुत किए। आयोजकों का कहना है कि इस तरह के आयोजन का मकसद केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि बच्चों को पारंपरिक भारतीय खेलों से जोड़ना और उन्हें स्वस्थ एवं शारीरिक रूप से मजबूत बनने के लिए प्रेरित करना भी है।

खिलाड़ियों ने दिखाया दमदार प्रदर्शन
16 राज्यों से पहुंचे खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। बच्चों ने मल्लखंभ पर सीखी हुई विभिन्न कलाबाजियों और तकनीकों का प्रदर्शन किया। झांसी में एक साथ इतने राज्यों के खिलाड़ियों का जुटना इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।
विद्यालयीय प्रतियोगिताओं में भी झांसी का शानदार प्रदर्शन
इसी आयोजन के दौरान हुई प्रादेशिक विद्यालयीय प्रतियोगिताओं में झांसी के खिलाड़ियों का भी दबदबा देखने को मिला। बालक वर्ग में झांसी मंडल ने अंडर-17 और अंडर-19 वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं बालिका वर्ग में झांसी की खिलाड़ियों ने अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19—तीनों श्रेणियों में पहला स्थान हासिल किया।
पारंपरिक खेलों के प्रति बढ़ रहा युवाओं का रुझान
झांसी में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता ने एक बार फिर दिखाया कि आधुनिक खेलों के दौर में भी भारतीय पारंपरिक खेलों के प्रति बच्चों और युवाओं का आकर्षण बना हुआ है। 16 राज्यों से 400 से ज्यादा खिलाड़ियों की भागीदारी ने इस आयोजन को खास बना दिया। लक्ष्मी व्यायामशाला में हुए इस आयोजन के जरिए मल्लखंभ को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और इस पारंपरिक खेल को आगे बढ़ाने की कोशिश भी नजर आई।






































