RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शहर के पूर्व महापौर एजाज ढेबर और उनके भाई अनवर ढेबर के नाम पर 50 करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी मांगने का मामला सामने आया। चौंकाने वाली बात यह है कि फोन करने वाले ने खुद को कुख्यात ‘लॉरेंस बिश्नोई गैंग’ का सदस्य बताया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले के सामने आने के बाद पुलिस और साइबर सेल तुरंत अलर्ट मोड पर आ गई है और मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

कर्मचारी के फोन पर आई धमकी
जानकारी के मुताबिक, 20 सितंबर को ढेबर परिवार के एक कर्मचारी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने सीधे तौर पर एजाज ढेबर और अनवर ढेबर का नाम लिया और 50 करोड़ रुपये की मांग की। कॉलर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ बताते हुए चेतावनी दी कि यदि रकम नहीं पहुंचाई गई, तो परिवार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। डरे हुए कर्मचारी ने तुरंत इसकी सूचना ढेबर परिवार को दी, जिसके बाद बिना देरी किए पुलिस में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई।

पुलिस कमिश्नर ने की पुष्टि, साइबर टीम कर रही ट्रैकिंग
रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने इस धमकी भरे कॉल और केस दर्ज होने की आधिकारिक पुष्टि की है। शिकायत मिलते ही पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम तकनीकी साक्ष्यों को खंगालने में जुट गई है। पुलिस इस मामले में दो प्रमुख एंगल्स पर जांच कर रही है:

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नंबर की ट्रेसिंग: जिस मोबाइल नंबर से कॉल आया था, उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मौजूदा लोकेशन निकाली जा रही है।
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गैंग के दावे की सच्चाई: पुलिस इस बात की भी गहन तफ्तीश कर रही है कि क्या वाकई यह कॉल बिश्नोई गैंग की तरफ से की गई है, या किसी स्थानीय बदमाश ने खौफ पैदा करने और रंगदारी वसूलने के लिए इस कुख्यात गैंग के नाम का इस्तेमाल किया है।

पहले भी जुड़ चुके हैं गैंगस्टर्स के तार
छत्तीसगढ़ में बाहरी गैंगस्टर्स की धमकियों का यह कोई पहला मामला नहीं है। पुलिस इस कड़ी को पिछले मामलों से भी जोड़कर देख रही है। ज्ञात हो कि इसी साल 13 जुलाई 2024 को रायपुर में अमन साव गैंग के दो शूटरों ने पीआरए (PRA) कंस्ट्रक्शन के कारोबारी की कार पर दो राउंड फायरिंग कर दहशत फैला दी थी।
इस मामले में पुलिस एक शूटर को झारखंड से गिरफ्तार कर रायपुर लाई थी। पूछताछ के दौरान कोरबा में रंगदारी और बिश्नोई गैंग से उसके संबंधों को लेकर भी कई खुलासे हुए थे। हालांकि, बाद में पुलिस रिमांड के बाद झारखंड वापस ले जाते समय पलामू में हुई एक पुलिस मुठभेड़ में उस शूटर की मौत हो गई थी।
अब ढेबर परिवार को मिली इस नई धमकी ने एक बार फिर इंटरस्टेट गैंग्स की सक्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की टीमें जल्द ही कॉलर तक पहुंचने का दावा कर रही हैं।






































