RAIPUR NEWS. प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल की इमरजेंसी में गंभीर मरीजों को अब पर्ची या पंजीयन की औपचारिकता के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन ने निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि गंभीर मरीज के पहुंचते ही कागजी प्रक्रिया से पहले इलाज शुरू किया जाए। मरीज की हालत स्थिर होने के बाद पर्ची और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। संयुक्त संचालक एवं अस्पताल अधीक्षक ने इस संबंध में आपात चिकित्सा अधिकारियों, ड्यूटी डॉक्टरों और संबंधित कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से आदेश जारी किए हैं।

इस का मकसद है कि इमरजेंसी में इलाज की शुरुआत और मरीज की स्थिति स्थिर करने के बीच होने वाली देरी को खत्म करना है। गंभीर मरीज के इमरजेंसी में पहुंचने पर ड्यूटी डॉक्टर सबसे पहले उसकी स्थिति का आकलन कर प्राथमिक और जरूरी उपचार शुरू करेंगे। इसके लिए मरीज का पहले पंजीयन या पर्ची बनना अनिवार्य नहीं होगा। कागजी प्रक्रिया उपचार शुरू होने के बाद और मरीज की स्थिति स्थिर होने पर पूरी की जाएगी। अस्पताल प्रबंधन ने हेल्प डेस्क और ट्रायज एरिया में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि गंभीर मरीज को इमरजेंसी तक पहुंचाने में समय बर्बाद न हो।

निर्देश में कहा गया है कि गंभीर मरीज को इमरजेंसी तक पहुंचाने के लिए वार्ड बॉय, सुरक्षा गार्ड या उपलब्ध अन्य स्टाफ तत्काल मदद करेगा। मरीज के पहुंचने के बाद कंसल्टेंट मेडिकल ऑफिसर को भी सूचना देने के निर्देश हैं। अस्पताल में हार्ट डिजीज, गंभीर एनीमिया, सिकल सेल, ट्रॉमा सहित अतिसंवेदनशील मरीजों के लिए जीरो डिले प्रोटोकॉल लागू करने को कहा गया है। ऐसे मरीजों के मामले में इलाज शुरू करने में किसी तरह की कागजी औपचारिकता को बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।

देरी या लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई
अस्पताल प्रबंधन ने इलाज में देरी या लापरवाही को गंभीरता से लेने की बात कही है। निर्देशों का पालन नहीं करने या गंभीर मरीज के इलाज में अनावश्यक देरी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर और स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस व्यवस्था के लागू होने से इमरजेंसी में पहुंचने वाले गंभीर मरीजों के लिए प्राथमिकता इलाज को दी जाएगी, जबकि पंजीयन और अन्य दस्तावेजी प्रक्रिया बाद में पूरी की जाएगी।



































