NEW DELHI NEWS. भारत और पाकिस्तान के बीच अरब सागर में नौसैनिक जहाजों की टक्कर के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ गया है। इस घटना को लेकर पाकिस्तान ने भारतीय नौसेना के एक पोत पर अपनी एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में आक्रामक तरीके से पैंतरेबाजी करने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने 16 सितंबर को इस मामले में इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के प्रभारी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया।

पाकिस्तान के मुताबिक, उसकी नौसेना उस समय द्विवार्षिक अभ्यास SEASPARK-26 कर रही थी। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का आरोप है कि भारतीय पोत पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज के बेहद करीब आया और खतरनाक तरीके से दिशा बदली, जिसके बाद दोनों जहाजों के बीच संपर्क हुआ। पाकिस्तान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते का उल्लंघन बताया है।

रिपोर्टों के मुताबिक टक्कर में पाकिस्तानी नौसैनिक पोत PNS हुनैन (F-273) को नुकसान पहुंचा और उसे मरम्मत के लिए बंदरगाह लौटना पड़ा। भारतीय पक्ष से जुड़े सूत्रों के अनुसार पाकिस्तानी जहाज तेज गति से भारतीय युद्धपोत के करीब आया और सुरक्षित तरीके से समय पर दिशा नहीं बदल सका, जिससे मामूली टक्कर हुई। भारतीय पोत को किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

भारत का भी पाकिस्तान पर आरोप
इस घटना पर भारत ने भी पाकिस्तान के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के प्रभारी राजनयिक को तलब कर पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों के आचरण को “अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर” बताया। भारत के अनुसार घटना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई और पाकिस्तानी नौसैनिक इकाई के आचरण से टक्कर हुई। दोनों देशों के बयानों में घटना के स्थान और जिम्मेदारी को लेकर अंतर है। पाकिस्तान इसे अपनी EEZ में हुई घटना बता रहा है, जबकि भारत के अनुसार टक्कर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई।

इसी वजह से 15 सितंबर की घटना के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को तलब कर विरोध दर्ज कराया है। पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी भारत से ऐसी कार्रवाइयों से बचने की अपील करने को कहा है। वहीं भारत ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और समुद्र में निर्धारित नियमों के पालन पर जोर दिया है।






































