RAIPUR NEWS. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर लाखों दीप जलाए जाने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सवालों पर छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को 140 करोड़ जनता का आशीर्वाद मिल रहा है और इसी अवसर पर दीप जलाए जा रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी का दिल जल रहा है तो जलता रहे। मीडिया से चर्चा में अरुण साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 साल से लगातार जनसेवा कर रहे हैं। उनके मुताबिक मोदी एक दिन भी छुट्टी लिए बिना देश सेवा में लगे हुए हैं। जन्मदिन के अवसर पर लोग दीप जलाकर प्रधानमंत्री को आशीर्वाद देंगे।

कांग्रेस की ओर से की गई टिप्पणियों पर साव ने कहा कि जनता का प्यार देखकर कांग्रेस और ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ के लोगों के दिल जल रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस को एक परिवार की चाकरी करने वाली पार्टी बताते हुए कहा कि ऐसी पार्टी को जनता का प्यार और दुलार पसंद नहीं आएगा। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर कांग्रेस द्वारा महंगाई और बेरोजगारी दिवस मनाए जाने के सवाल पर भी अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दिल जल रहा है, इसलिए वह इसे दिखाना चाह रही है।

महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर साव ने कहा कि कांग्रेस को पाकिस्तान से बहुत प्रेम है। उन्होंने भूपेश बघेल और कांग्रेस नेताओं से पाकिस्तान जाकर वहां महंगाई की स्थिति देखने की बात कही। साव ने दावा किया कि भारत में मोदी सरकार के कुशल अर्थ प्रबंधन के कारण दुनिया की तुलना में महंगाई नहीं है। CGPSC 2025 की परीक्षा में दस्तावेज सत्यापन और साक्षात्कार स्थगित किए जाने के मुद्दे पर भी उप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में षड्यंत्र करके PSC घोटाला किया गया और उसके तार बड़े लोगों से जुड़े रहे।

साव ने कहा कि ऐसे लोगों को PSC की किसी भी भर्ती में घोटाले का आरोप लगाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है। रावतपुरा फेस-2 में बिना लेआउट के बने 40 मकानों पर निगम की कार्रवाई को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने कहा कि निर्माण के दौरान ही अधिकारियों को सजग और अलर्ट रहना चाहिए।

अवैध निर्माण को शुरुआत में ही रोकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब भी अवैध निर्माण की जानकारी मिली है, उसकी जांच कर कार्रवाई की गई है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अवैध निर्माण की स्थिति पैदा ही न हो।






































