RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) एक बार फिर विवादों में है। CGPSC 2021 की परीक्षा को लेकर पहले से ही जांच और विवाद चल रहे हैं। अब CGPSC 2025 की मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू के लिए अभ्यर्थियों के चयन को लेकर उम्मीदवारों ने सवाल उठाए हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि इंटरव्यू के लिए निर्धारित अनुपात के मुकाबले कम उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। मामले को लेकर अभ्यर्थी आज PSC अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपने की तैयारी में हैं।

265 पदों के लिए 795 उम्मीदवारों का होना चाहिए चयन?
CGPSC 2025 में कुल 265 पद विज्ञापित किए गए हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि नियम के अनुसार विज्ञापित पदों की संख्या के मुकाबले कम से कम तीन गुना उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए। इस हिसाब से 795 अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाना चाहिए था।
हालांकि, आयोग की ओर से इंटरव्यू के लिए 608 अभ्यर्थियों के चयन की बात सामने आई है। अभ्यर्थियों के मुताबिक, तीन गुना अनुपात से तुलना करने पर 187 उम्मीदवार कम हैं। इसी अंतर को लेकर चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।

187 उम्मीदवारों को बाहर करने पर उठे सवाल
अभ्यर्थियों का कहना है कि मुख्य परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर इंटरव्यू के लिए चयन की प्रक्रिया स्पष्ट और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि तीन गुना उम्मीदवारों को बुलाने का प्रावधान है, तो उससे कम संख्या में अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करने का आधार भी आयोग को स्पष्ट करना चाहिए।
उम्मीदवारों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण 187 संभावित अभ्यर्थी इंटरव्यू की दौड़ से बाहर हो गए हैं। वे आयोग से चयन अनुपात और अपनाई गई प्रक्रिया का स्पष्ट आधार सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।

आज PSC अध्यक्ष को सौंपेंगे ज्ञापन
विवाद के बीच अभ्यर्थी आज आयोग के सामने अपनी मांग रखेंगे। इसके लिए PSC अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपने की तैयारी है। इसमें निर्धारित अनुपात के अनुसार इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों का चयन करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की जाएगी।
मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की मांग
अभ्यर्थियों ने इंटरव्यू चयन के अलावा मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन की भी मांग की है। उनका कहना है कि सभी प्रश्नपत्रों की कॉपियों का उदारतापूर्वक पुनर्मूल्यांकन कराया जाना चाहिए, ताकि मूल्यांकन में किसी योग्य अभ्यर्थी के अंक प्रभावित हुए हों तो उसे इंटरव्यू में शामिल होने का अवसर मिल सके।

तीन गुना नियम की व्याख्या पर टिका विवाद
अब विवाद का मुख्य केंद्र यह है कि इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों के चयन में तीन गुना अनुपात का नियम किस तरह लागू होता है और 608 अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट करने का आधार क्या है।
अभ्यर्थी नियम का हवाला देते हुए 795 उम्मीदवारों के चयन की मांग कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में आयोग का आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
CGPSC की साख फिर सवालों के घेरे में
CGPSC 2021 की परीक्षा को लेकर पहले से उठे सवालों के बीच CGPSC 2025 के इंटरव्यू चयन को लेकर सामने आया विवाद आयोग के लिए नई चुनौती बन गया है। अब सभी की नजरें अभ्यर्थियों के ज्ञापन और आयोग के आधिकारिक जवाब पर टिकी हैं।




































