TIBET NEWS. नेपाल सीमा से सटे तिब्बत क्षेत्र में गुरुवार को 5 तीव्रता का भूकंप आया। भारत के नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के जोशीमठ से करीब 128 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। झटका जमीन से लगभग 14 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया।

भूकंप की पुष्टि के बाद सीमावर्ती हिमालयी क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालांकि शुरुआती तौर पर किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। NCS के आंकड़ों के मुताबिक उसी क्षेत्र में बाद में 3.4 तीव्रता का एक और झटका भी दर्ज किया गया।

बाढ़ की भीषण तबाही के बाद भूकंप ने बढ़ाई चिंता
यह भूकंप ऐसे समय में आया है, जब नेपाल-चीन सीमा से लगे हिमालयी इलाके हालिया प्राकृतिक आपदा की भीषण तबाही से जूझ रहे हैं। 26 अगस्त को ग्लेशियर के ढहने के बाद आई विनाशकारी बाढ़ ने नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया था।

ताजा रिपोर्टों के अनुसार, नेपाल में अब तक 1,252 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4,200 से अधिक लोग लापता बताए गए हैं। चीन के तिब्बत क्षेत्र में 21 लोगों की मौत और सैकड़ों लोगों के लापता होने की जानकारी है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

पहले बाढ़, अब भूकंप; सीमावर्ती इलाकों में दहशत
प्राकृतिक आपदा से पहले ही तबाह हो चुके इस क्षेत्र में भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। राहत की बात यह है कि ताजा भूकंप से फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।



































