ISLAMABAD NEWS. सिंधु जल समझौते को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा है कि पाकिस्तान के हिस्से का पानी रोकने या कम करने की कोशिश का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।

इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान अपने हिस्से के पानी से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पड़ोसी देशों के साथ शांति चाहता है, लेकिन इसे उसकी कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए।

कश्मीर मुद्दे पर भी तेवर बरकरार
शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के पुराने रुख को दोहराया। साथ ही उन्होंने सेना प्रमुख असीम मुनीर की जमकर तारीफ की और दावा किया कि उनकी अगुवाई में पाकिस्तान ने भारत को हराया है।
इससे पहले 13 अगस्त को शहबाज शरीफ ने ‘यादगार-ए-फतह’ स्मारक का उद्घाटन भी किया था। अब सिंधु जल समझौते को लेकर दिए गए उनके बयान से दोनों देशों के बीच पहले से जारी तल्खी और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

क्या है सिंधु जल समझौता?
भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों के पानी के बंटवारे को लेकर 19 सितंबर 1960 को सिंधु जल समझौता हुआ था। इस समझौते पर तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान के राष्ट्रपति अयूब खान ने हस्ताक्षर किए थे।

समझौते के तहत पूर्वी नदियां—रावी, ब्यास और सतलुज भारत के उपयोग के लिए निर्धारित की गईं, जबकि पश्चिमी नदियां—सिंधु, झेलम और चिनाब का पानी मुख्य रूप से पाकिस्तान के लिए निर्धारित किया गया। पानी के मुद्दे पर एक बार फिर पाकिस्तान की धमकी ने दोनों देशों के बीच सिंधु जल समझौते को लेकर बहस तेज कर दी है।






































