NEW DELHI NEWS. राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला मंगलवार को संसद के मानसून सत्र में जोरदार राजनीतिक टकराव का कारण बन गया। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में इस मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने आ गए। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही महज 19 मिनट और राज्यसभा की कार्यवाही भी दो चरणों में बाधित होकर सीमित समय तक ही चल सकी।

लोकसभा में भारी शोर-शराबे के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टैक्स संशोधन से जुड़े विधेयक पेश किए। इसके बाद सदन की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, राज्यसभा में सुबह 11 बजे शुरू हुई कार्यवाही आधे घंटे के भीतर स्थगित करनी पड़ी। दोपहर 12 बजे दोबारा सदन की बैठक शुरू हुई, लेकिन हंगामा जारी रहने के कारण करीब 20 मिनट बाद फिर कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

खड़गे ने सरकार और जांच एजेंसियों को घेरा
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार ने किया था और उसे 70 एकड़ से अधिक जमीन सौंपी गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं राम मंदिर से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होते रहे हैं, ऐसे में चढ़ावा चोरी के मामले में ED, CBI और अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां अब तक सक्रिय क्यों नहीं हुईं? सरकार को सदन में इस पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।

रिजिजू का पलटवार, विपक्ष पर साधा निशाना
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राम मंदिर निर्माण के समय जिन दलों ने काली पट्टी बांधकर विरोध किया था, वही आज इस मुद्दे पर “घड़ियाली आंसू” बहा रहे हैं। रिजिजू ने कहा कि सरकार से सवाल पूछने से पहले विपक्ष को भगवान राम के अपमान के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।

संसद में फिर टकराव का माहौल
राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के कारण संसद की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। इस घटनाक्रम ने मानसून सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल को और अधिक गरमा दिया।






































