NEW DELHI NEWS. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सोमवार (27 जुलाई 2026) को जारी विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात हिंसक हो गए। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रावलाकोट में उनकी रैली को रोकने के लिए पाकिस्तानी रेंजर्स, फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) और पुलिस ने फायरिंग तथा आंसू गैस का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारी संगठनों का दावा है कि इस घटना में कई लोगों की मौत हुई है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

प्रदर्शनकारी नेताओं के अनुसार, सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद रावलाकोट के ईदगाह मैदान से बड़ी संख्या में लोग मुजफ्फराबाद की ओर मार्च के लिए निकले थे। आरोप है कि चिनार चौक के पास सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई और गोलीबारी शुरू हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से जारी वीडियो और स्थानीय दावों में एंबुलेंसों के जरिए घायलों को ले जाते तथा कई शवों को एक साथ रखे जाने की तस्वीरें सामने आने की बात कही गई है। प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि कई घायलों को समय पर अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा सका। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

प्रदर्शनकारियों ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक मीडिया से मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। वहीं, खबर लिखे जाने तक पाकिस्तानी सरकार या सेना की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

स्थानीय प्रदर्शनकारी समूहों का यह भी दावा है कि PoK में इंटरनेट सेवाएं लंबे समय से बाधित हैं, जिससे स्वतंत्र जानकारी और आधिकारिक पुष्टि जुटाने में कठिनाई हो रही है। यदि आधिकारिक आंकड़ों या स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि होती है, तो मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव संभव है।






































