NEW DELHI NEWS. NEET पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच टकराव और गहरा गया है। सरकार ने दावा किया है कि उसने आंदोलनकारी पक्ष को चार बार बातचीत का निमंत्रण भेजा, लेकिन CJP ने इसे अस्वीकार करते हुए साफ कहा कि यदि सरकार वास्तव में वार्ता चाहती है तो उसे जंतर-मंतर या किसी तटस्थ स्थान पर आकर बातचीत करनी चाहिए।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि बुधवार दोपहर से अब तक CJP को चार बार वार्ता का प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उनके अनुसार, बैठक जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय सहित किसी भी उपयुक्त स्थान पर आयोजित की जा सकती है और इसमें दोनों केंद्रीय मंत्री शामिल होने को तैयार हैं।

वहीं CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने सरकार के प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पुलिस के माध्यम से बातचीत की सूचना मिली थी, लेकिन वे किसी नेता के निजी आवास या कार्यालय में वार्ता के लिए नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार यदि समाधान चाहती है तो जंतर-मंतर आए या प्रदर्शन स्थल के पास किसी तटस्थ स्थान पर चर्चा करे।

उल्लेखनीय है कि CJP के नेतृत्व में छात्र 20 जून से जंतर-मंतर पर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

आंदोलन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार को भी जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे रहे और आंदोलन जारी रहा।






































