RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़िया युवा क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष शिवेन्द्र वर्मा ने संगठन के संस्थापक अमित बघेल की रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे छत्तीसगढ़िया समाज के आत्मसम्मान से जुड़ा विषय बताया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद मिली राहत लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसे को मजबूत करती है। शिवेन्द्र वर्मा ने कहा कि अमित बघेल पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति और स्थानीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं।

शिवेंद्र के अनुसार विभिन्न मामलों में कानूनी कार्रवाई के बावजूद संगठन ने हमेशा न्यायालय पर विश्वास रखा और कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखी। वर्मा ने बताया कि 10 जून 2024 को बलौदाबाजार में हुए हिंसा और आगजनी मामले में भी अमित बघेल को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में पुलिस ने उन पर भीड़ को उकसाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य गंभीर धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था।

शिवेन्द्र वर्मा के मुताबिक, अमित बघेल के खिलाफ अलग-अलग समय में सामाजिक और धार्मिक टिप्पणियों से जुड़े मामलों सहित कई प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें बलौदाबाजार हिंसा का मामला सबसे चर्चित रहा। उन्होंने कहा कि संगठन का पक्ष शुरू से यही रहा कि सभी मामलों का निर्णय अदालत में होना चाहिए। संगठन का कहना है कि इन आरोपों का न्यायालय में कानूनी रूप से जवाब दिया गया।

लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मिली राहत
उन्होंने बताया कि अलग-अलग मामलों में न्यायालय से क्रमशः राहत मिलने के बाद अमित बघेल की रिहाई संभव हो सकी। वर्मा ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानूनी लड़ाई के माध्यम से लड़ी गई और संगठन ने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा बनाए रखा।

‘जनहित के मुद्दे उठाना जारी रहेगा’
शिवेन्द्र वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़िया युवा क्रांति सेना और उससे जुड़े कार्यकर्ता आगे भी छत्तीसगढ़ की भाषा, संस्कृति, स्थानीय युवाओं के रोजगार और क्षेत्रीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने संगठन के समर्थकों से भी कानून का पालन करते हुए शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने की अपील की।






































