LALITPUR NEWS ललितपुर। उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति को एपीके (APK) फाइल के जरिए बड़ी ठगी का शिकार बना दिया। परिचित के मोबाइल नंबर से भेजी गई फाइल पर भरोसा करना पीड़ित को भारी पड़ गया। फाइल डाउनलोड करते ही साइबर ठगों ने मोबाइल का रिमोट एक्सेस हासिल कर लिया और कुछ ही दिनों में बैंक खाते से 7 लाख 3 हजार रुपये पार कर दिए। मामले की शिकायत साइबर थाने में दर्ज कराई गई है, जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई है।

परिचित के नंबर से आई APK फाइल, बिना शक किए कर लिया डाउनलोड
सिविल लाइन रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले पीड़ित ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब दो महीने पहले उनके मोबाइल पर परिचित एडवोकेट चाली यादव के नंबर से एक APK फाइल भेजी गई थी। चूंकि नंबर परिचित का था, इसलिए उन्होंने बिना किसी संदेह के फाइल डाउनलोड कर ली।

पीड़ित के मुताबिक, फाइल डाउनलोड होते ही उनका मोबाइल साइबर अपराधियों के नियंत्रण में चला गया। ठगों ने रिमोट एक्सेस के जरिए मोबाइल और बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर ली।
8 दिनों में खाते से निकाले 7.03 लाख रुपये
पीड़ित ने बताया कि 4 जुलाई से 12 जुलाई के बीच उनके सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 7,03,000 रुपये निकाल लिए गए। शुरुआत में उन्हें किसी तरह की जानकारी नहीं मिली। जब वह बैंक पहुंचे और पासबुक अपडेट कराई, तब खाते से बड़ी रकम निकलने का खुलासा हुआ।

साइबर पोर्टल पर शिकायत, पुलिस ने शुरू की जांच
धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़ित ने तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद 15 जुलाई को स्थानीय साइबर थाने में लिखित तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और ट्रांजैक्शन की पड़ताल की जा रही है।

साइबर पुलिस ने जारी की चेतावनी
घटना के बाद साइबर पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या संदिग्ध ऐप को बिना सत्यापन डाउनलोड न करें। कई बार साइबर अपराधी परिचितों के मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल कर लोगों को भरोसे में लेते हैं और फिर ठगी को अंजाम देते हैं।

ठगी होने पर तुरंत करें यह काम
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से कई मामलों में ठगी गई रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।





































