LUCKNOW NEWS : लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। सेक्टर-डी स्थित एक बहुमंजिला इमारत में लगी आग में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 9 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का इलाज किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में चल रहा है।
घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में लापरवाही सामने आने पर चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
कोचिंग, लाइब्रेरी और स्टूडियो संचालित था भवन में
जानकारी के अनुसार, जिस इमारत में आग लगी, उसके बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल पर पेट शॉप और क्लीनिक संचालित थे। वहीं दूसरे तल पर ‘लर्निंग स्पेस’ नाम से लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर के साथ एक 3D आर्ट एवं एनिमेशन स्टूडियो भी संचालित किया जा रहा था। आग लगने के बाद कुछ ही देर में धुआं पूरे भवन में फैल गया, जिससे कई लोग अंदर फंस गए।

बाथरूम में छिपकर बचाने की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग से बचने के लिए कई छात्रों ने खुद को बाथरूम में बंद कर लिया था। एक छात्र ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी, जबकि कुछ अन्य लोग बिजली के केबल के सहारे नीचे उतरने में सफल रहे। फायर ब्रिगेड और राहत-बचाव दल ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
चार अधिकारी निलंबित
मुख्यमंत्री के निर्देश पर हुई प्रारंभिक जांच के बाद जानकीपुरम क्षेत्र के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार, इंदिरानगर फायर स्टेशन के एफएसएसओ कमलेंद्र कुमार सिंह, सहायक अभियंता अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

एफआईआर दर्ज, चार आरोपी गिरफ्तार
मामले में अलीगंज थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, सुरेश कुमार साहू और तुषार कृष्णा जायसवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस अन्य संभावित जिम्मेदार व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

सात दिन में रिपोर्ट देगी SIT
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी गठित की है। इसमें पर्यटन, धर्मार्थ कार्य एवं संस्कृति विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और लखनऊ जोन के एडीजी प्रवीण कुमार को शामिल किया गया है। एसआईटी को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन, पुलिस और फायर विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटे हुए हैं।






































