UJJAIN NEWS. उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में होने वाली विश्वप्रसिद्ध भस्मआरती के लिए बुकिंग प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। मंदिर प्रबंधन ने तय किया है कि अब एक मोबाइल नंबर से 90 दिनों के भीतर केवल एक बार ही भस्मआरती दर्शन के लिए पंजीयन कराया जा सकेगा। यह व्यवस्था प्रोटोकॉल कोटे के श्रद्धालुओं पर भी समान रूप से लागू होगी। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, नए नियम का उद्देश्य भस्मआरती बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाना और बिचौलियों तथा कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है।

लंबे समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कुछ लोग एक से अधिक बुकिंग कर वास्तविक श्रद्धालुओं के अवसर कम कर देते हैं। हालांकि, डिजिटल पहचान और ई-गवर्नेंस से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि केवल मोबाइल नंबर के आधार पर नियंत्रण पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हो सकता। उनका तर्क है कि एक व्यक्ति के पास कई मोबाइल नंबर हो सकते हैं, ऐसे में नंबर बदलकर नियम का फायदा उठाने की संभावना बनी रह सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, बुकिंग प्रक्रिया में आधार या किसी अन्य डिजिटल पहचान प्रणाली को जोड़ने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई चुनौतियां हैं।

आधार को अनिवार्य न बनाने के पीछे क्या हो सकते हैं कारण?
तकनीकी एकीकरण: यूआईडीएआई की सत्यापन प्रणाली को बुकिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ना और रियल-टाइम वेरिफिकेशन लागू करना जटिल प्रक्रिया है।
गोपनीयता और कानूनी पहलू: पहचान संबंधी डेटा के संग्रहण और उपयोग के लिए निर्धारित नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करना आवश्यक होता है।
श्रद्धालुओं की सुविधा: ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले कई श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त दस्तावेज आधारित प्रक्रिया परेशानी का कारण बन सकती है।

नियम को और प्रभावी बनाने के सुझाव
- भविष्य में व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कुछ अतिरिक्त उपायों पर विचार किया जा सकता है।
- बुकिंग के दौरान वोटर आईडी, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे फोटो पहचान पत्र का विवरण दर्ज कराया जाए।
- दर्शन के समय दस्तावेज का मिलान कर सत्यापन किया जाए।
- उन्नत तकनीक के रूप में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं की संभावनाएं भी तलाश की जा सकती हैं।

फिलहाल, मंदिर प्रशासन का यह कदम भस्मआरती बुकिंग व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि दीर्घकालिक समाधान के लिए किसी मजबूत पहचान सत्यापन प्रणाली को शामिल करना अधिक प्रभावी साबित हो सकता है।




































