KORBA NEWS. हरदीबाजार थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पुलिस कार्रवाई से नाराज दो युवक पेट्रोल लेकर गांव की पानी टंकी पर चढ़ गए। युवकों ने थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आत्मदाह की चेतावनी दी, जिससे प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक चले समझाइश और बचाव प्रयासों के बाद दोनों युवकों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जुट गए।

मारपीट और रिश्वत लेने का आरोप
पानी टंकी पर चढ़ने वाले युवकों की पहचान रफीक मोहम्मद (22) और दीपेश निर्मलकर (23) के रूप में हुई है। दोनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जुआ संचालन के संदेह में पकड़कर थाने ले गई, जहां उनके साथ मारपीट की गई और 23,500 रुपये रिश्वत लेकर छोड़ा गया।
युवकों का दावा है कि पुलिस ने दबाव बनाकर उनसे झूठा बयान भी लिखवाया। वहीं, परिजनों ने भी पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों में नाराजगी
घटना के बाद ग्रामीणों ने भी पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस बिना पर्याप्त आधार के लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है।

TI ने आरोपों को बताया निराधार
दूसरी ओर, हरदीबाजार थाना प्रभारी प्रमोद कुमार डनसेना ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि दोनों युवक क्षेत्र में जुआ फड़ संचालित करते हैं। मुखबिर की सूचना पर उनके खिलाफ जुआ एक्ट और प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई थी।
पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद युवकों को छोड़ दिया गया था। कार्रवाई से नाराज होकर उन्होंने यह कदम उठाया। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।






































