NEW DELHI NEWS. विपक्षी दलों के गठबंधन INDIA ब्लॉक ने सोमवार को राजधानी दिल्ली में आयोजित अपनी महत्वपूर्ण बैठक में केंद्र सरकार के खिलाफ बड़ा राजनीतिक मोर्चा खोल दिया। करीब दो साल बाद हुई इस सातवीं बैठक में 25 दलों के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया और शिक्षा, चुनावी पारदर्शिता, बेरोजगारी व महंगाई जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाई।

बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि NEET और CBSE परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने इसके लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की।

NEET परीक्षा में युवाओं के साथ धोखा: खड़गे
खड़गे ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए विपक्ष इस मुद्दे को संसद से सड़क तक उठाएगा।

चुनावी निष्पक्षता पर CJI से हस्तक्षेप की मांग
बैठक में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। INDIA ब्लॉक ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के जरिए करोड़ों लोगों के मताधिकार पर असर पड़ सकता है। गठबंधन ने निर्णय लिया कि इस मामले और चुनावी निष्पक्षता के सवाल पर देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।

हर दो महीने में होगी रणनीतिक बैठक
विपक्षी गठबंधन ने भविष्य की राजनीतिक रणनीति को मजबूत करने के लिए नियमित बैठकों का फैसला किया है। अब हर दो महीने में देश के प्रमुख मुद्दों पर समीक्षा बैठक होगी। अगली बैठक 8 अगस्त को में आयोजित की जाएगी, जिसमें मानसून सत्र और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रणनीति पर चर्चा होगी।
बैठक में कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उद्धव गुट), झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत कई दलों के वरिष्ठ नेता शामिल हुए।






































