RAIPUR NEWS. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे के दूसरे दिन सोमवार को बस्तर पहुंचेंगे। नक्सलवाद के खिलाफ बड़े अभियानों और हाल के सुरक्षा बदलावों के बाद यह उनका पहला बस्तर दौरा माना जा रहा है। दौरे में सुरक्षा व्यवस्था, विकास योजनाओं और प्रशासनिक समन्वय को लेकर कई अहम कार्यक्रम तय किए गए हैं। रविवार रात रायपुर पहुंचने के बाद सोमवार सुबह गृह मंत्री राजधानी में पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वे डायल-112 सेवा के लिए शामिल किए गए करीब 400 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।

राज्य सरकार का दावा है कि इससे प्रदेश में पुलिस रिस्पॉन्स सिस्टम पहले से अधिक तेज और प्रभावी होगा। अब तक डायल-112 सेवा सीमित जिलों में संचालित हो रही थी, लेकिन नई व्यवस्था के बाद इसे पूरे प्रदेश में लागू करने की तैयारी है। इसके जरिए हर थाने तक आपातकालीन सहायता प्रणाली को मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। गृह मंत्री के दौरे के दौरान प्रदेश के सभी 33 जिलों के लिए आधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट्स भी रवाना की जाएंगी।

इन वाहनों में वैज्ञानिक जांच से जुड़े आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं, जिससे घटनास्थल पर ही शुरुआती जांच संभव हो सकेगी। माना जा रहा है कि इससे अपराध विवेचना में तेजी आने के साथ जांच की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। रायपुर कार्यक्रम के बाद अमित शाह विशेष विमान से जगदलपुर रवाना होंगे। मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वे बीएसएफ हेलीकॉप्टर से बस्तर जिले के नेतानार गांव जाएंगे। यहां वीर शहीद गुंडाधुर के गांव से जन सुविधा केंद्र की शुरुआत करेंगे।

यह केंद्र ग्रामीणों को प्रशासनिक और सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करेगा। लंबे समय से सुरक्षा और विकास के बीच संतुलन की चुनौती झेल रहे बस्तर क्षेत्र में इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नेतानार कार्यक्रम के बाद गृह मंत्री जगदलपुर स्थित अमर वाटिका पहुंचेंगे, जहां वे नक्सल विरोधी अभियानों में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसे सुरक्षा बलों के मनोबल से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

कल होगी मध्य क्षेत्रीय परिषद की अहम बैठक
दौरे के तीसरे दिन 19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक आयोजित होगी। बैठक की अध्यक्षता अमित शाह करेंगे। इसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय, क्षेत्रीय विकास, सुरक्षा व्यवस्था, नक्सल प्रभावित इलाकों की स्थिति और प्रशासनिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होने की संभावना है। इसे राज्यों के बीच लंबित मुद्दों के समाधान के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।




































