RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के कथित आबकारी घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने हाल ही में बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। कुल 13 स्थानों पर चली इस कार्रवाई में एजेंसी को अहम दस्तावेजों के साथ नकदी और भारी मात्रा में सोना बरामद हुआ है।

ईडी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, छापेमारी के दौरान करीब 53 लाख रुपये नकद और 3.234 किलोग्राम सोना व बुलियन जब्त किया गया। बरामद सोने की कुल कीमत लगभग 5.39 करोड़ रुपये आंकी गई है। जिन स्थानों पर कार्रवाई हुई, वे शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और व्यापारियों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

एजेंसी को संदेह है कि इन लोगों ने कथित घोटाले से अर्जित अवैध धन को छिपाने और उसे वैध रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईडी अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

क्या है पूरा मामला?
छत्तीसगढ़ के इस चर्चित शराब घोटाले की जांच ईडी द्वारा की जा रही है। एजेंसी ने एसीबी में दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई शुरू की है, जिसमें 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले का आरोप है। जांच में सामने आया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यकाल के दौरान एक कथित सिंडिकेट के जरिए इस घोटाले को अंजाम दिया गया।

ईडी के अनुसार, इस सिंडिकेट में आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी ए.पी. त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। फिलहाल एजेंसी पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।






































