KOLKATA NEWS. देश के पांच राज्यों में होने वाले चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक पक्ष-विपक्ष के बीच तीखे वार-पलटवार का दौर जारी है। शनिवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी-अपनी रैलियों में जमकर राजनीतिक तीर चलाए।

ममता ने वोट के लिए जमीन बेची: हिमंता बिस्वा सरमा
कालिम्पोंग में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने वोट बैंक की राजनीति के लिए बंगाल की जमीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को बेच दी है। सरमा ने तीखे लहजे में कहा, “जब से ममता मुख्यमंत्री बनी हैं, उन्होंने पूरे बंगाल को बर्बाद कर दिया है। अगर उन्हें सत्ता से नहीं हटाया गया, तो हम बंगाल खो देंगे।”


BJP का पतन शुरू हो चुका है: ममता बनर्जी
वहीं, बंगाल के उलबेरिया में पलटवार करते हुए ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का पतन कल से ही शुरू हो चुका है। महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह दशकों से महिलाओं के आरक्षण की वकालत कर रही हैं, लेकिन वर्तमान बिल केवल परिसीमन से जुड़ा एक दिखावा था, इसलिए उनकी पार्टी ने इसका विरोध किया।

तमिल संस्कृति और भाषा पर आंच नहीं आने देंगे: राहुल गांधी
दूसरी ओर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने तमिलनाडु के पोन्नेरी में अपनी पहली चुनावी रैली की। तमिल भाषा और संस्कृति को ढाल बनाते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई भी ताकत तमिलनाडु की पहचान को नुकसान नहीं पहुंचा सकती। राहुल ने भाजपा की तुलना पुराने जमाने की हमलावर सेनाओं से करते हुए आरोप लगाया कि वे तमिल इतिहास को मिटाना और संस्कृति को तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने संकल्प लिया कि कांग्रेस ऐसा कभी नहीं होने देगी।





































