NEW DELHI NEWS. आस्था के बड़े केंद्र चारधाम यात्रा को लेकर केंद्र सरकार इस बार पूरी तरह अलर्ट मोड में है। हर साल भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र ने उत्तराखंड को अर्धसैनिक बल की 15 कंपनियां उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, जो मई तक तैनात की जा सकती हैं।

हाल ही में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, यातायात प्रबंधन, हेली सेवाएं, आधारभूत ढांचा और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन भी मौजूद रहे।

केंद्रीय गृह सचिव ने राज्य से संभावित चुनौतियों और आवश्यक संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अर्धसैनिक बलों की तैनाती ऋषिकेश से लेकर चारों धामों तक जरूरत के हिसाब से की जाएगी, ताकि पूरे रूट पर सुरक्षा मजबूत रहे। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यात्रा में शामिल होते हैं।

ऐसे में भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक मैनेजमेंट और आपात स्थितियों से निपटना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होता है। इस बार इन सभी पहलुओं पर पहले से ज्यादा फोकस किया जा रहा है। गोविंद मोहन पहले भी उत्तराखंड दौरे पर आकर यात्रा मार्ग और व्यवस्थाओं का जायजा ले चुके हैं। उनके निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने तैयारियों को और तेज कर दिया है।

केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से इस बार चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं, ताकि श्रद्धालुओं को बिना परेशानी के यात्रा का अनुभव मिल सके।



































