RAIPUR NEWS. बीजापुर के पोटा केबिन शासकीय छात्रावास में तीन आदिवासी छात्राओं के गर्भवती होने की खबर सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस मामले को लेकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार और छात्रावास प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

दीपक बैज ने कहा कि बीजापुर जिले के एक शासकीय छात्रावास में घटी इस घटना ने मानवता को शर्मसार कर दिया है। उनका आरोप है कि छात्रावास में तीन नाबालिग छात्राओं के साथ दुराचार हुआ, जिसके कारण वे गर्भवती हो गईं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले को दबाने के लिए आश्रम प्रबंधन ने पीड़ित छात्राओं को छात्रावास से निकालकर उनके घर भेज दिया।

बैज ने कहा कि ऐसी घटना सामने आने पर पॉक्सो एक्ट की धारा 19 के तहत छात्रावास प्रबंधन की जिम्मेदारी थी कि वह तुरंत पुलिस को इसकी सूचना देता, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे पालकों का सरकारी छात्रावासों पर से भरोसा टूट रहा है।
उन्होंने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद से सरकारी आश्रम और छात्रावासों में बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी बीजापुर के पोटा केबिन छात्रावास में ऐसी घटना सामने आ चुकी है, जहां 12वीं कक्षा की एक छात्रा अनाचार के कारण गर्भवती हो गई थी। सुकमा और कोरबा में भी इसी तरह के मामले सामने आ चुके हैं।

बैज ने कहा कि यह घटना रमन सिंह के कार्यकाल में कांकेर के झलियामारी में सामने आए मामले की याद दिलाती है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश का मुख्यमंत्री आदिवासी समुदाय से होने के बावजूद आदिवासी बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने घोषणा की कि इस मामले की जांच के लिए कांग्रेस की एक टीम बीजापुर भेजी जाएगी। उन्होंने मांग की कि घटना के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और प्रदेश के सभी छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि हर छात्रावास में महिला पुलिस द्वारा नियमित निगरानी की व्यवस्था की जानी चाहिए।

राजधानी में बढ़ते अपराध पर भी उठाए सवाल
दीपक बैज ने राजधानी रायपुर में बढ़ते अपराधों को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजधानी अपराध का गढ़ बनती जा रही है, जहां लूट, चाकूबाजी, हत्या, चोरी और दुष्कर्म की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
उन्होंने बताया कि हाल ही में राजधानी में दो आपराधिक गुटों के बीच गैंगवार की घटना हुई, जिसमें सरेआम चाकू चलाए गए। वहीं इंद्रप्रस्थ नगर इलाके में चार बदमाशों ने घर में घुसकर दो भाइयों पर हमला कर दिया।

बैज ने कहा कि प्रदेश में कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बावजूद अपराधियों पर इसका कोई असर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल के कुछ नेता पुलिस के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, जिससे पुलिस का मनोबल गिर रहा है। यही कारण है कि अपराधियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं और प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही है।




































