NEW DELHI NEWS. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच गैस का संकट भी मंडरा रहा है। गैस के सहारे ही रसोई और उद्योग चलती है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि भारत में गैस कहां से आती है और कितनी निकलती है। दरअसल, भारत में घरेलू रसोई, बिजली उत्पादन, उर्वरक उद्योग और सीएनजी वाहनों के लिए बड़ी मात्रा में गैस का उपयोग होता है। लेकिन ऊर्जा की बढ़ती मांग के कारण देश अपनी जरूरत की पूरी गैस खुद नहीं निकाल पाता और उसे बड़ी मात्रा में विदेशों से आयात करना पड़ता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत में प्राकृतिक गैस का उत्पादन और आयात दोनों मिलकर देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हैं।

केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान लगभग 36.4 अरब घन मीटर (BCM) प्राकृतिक गैस का उत्पादन हुआ। देश में गैस उत्पादन मुख्य रूप से मुंबई हाई और पश्चिमी अपतटीय क्षेत्र (अरब सागर), कृष्णा-गोदावरी बेसिन (आंध्र प्रदेश तट), असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र, गुजरात के कुछ गैस क्षेत्र के अलावा सरकारी कंपनियां जैसे ONGC और Oil India Limited प्रमुख उत्पादन करती हैं।

भारत में 71.9 अरब घन मीटर गैस की खपत
सरकारी और उद्योग से जुड़े आंकड़ों के अनुसार भारत में प्राकृतिक गैस की खपत करीब 71.9 अरब घन मीटर (BCM) तक पहुंच चुकी है। यानी देश की जरूरत का लगभग आधा गैस आयात से पूरा होता है। भारत के पास फिलहाल कई LNG टर्मिनल हैं जहां समुद्री जहाजों से गैस लाकर उसे पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए देशभर में भेजा जाता है।

इन देशों से भारत मंगाता है गैस
भारत मुख्य रूप से LNG (Liquefied Natural Gas) के रूप में गैस आयात करता है। प्रमुख स्रोत हैं:
कतर – भारत का सबसे बड़ा LNG आपूर्तिकर्ता
संयुक्त अरब अमीरात
ऑस्ट्रेलिया
अमेरिका
रूस

गैस नेटवर्क और उपयोग
सरकार के अनुसार देश में लगभग 25,000 किमी लंबा प्राकृतिक गैस पाइपलाइन नेटवर्क मौजूद है, जो गैस को बिजली संयंत्रों, उर्वरक कारखानों और शहरों तक पहुंचाता है। गैस का उपयोग मुख्य रूप से इन क्षेत्रों में होता है-
रसोई गैस (LPG)
सीएनजी वाहन
बिजली उत्पादन
उर्वरक उद्योग
पेट्रोकेमिकल उद्योग




































