DURG NEWS. जिला न्यायालय दुर्ग में 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत इस बार खास रहने वाली है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा स्वयं दुर्ग पहुंचकर इस राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ करेंगे। उनके साथ हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एवं जिला दुर्ग के पोर्टफोलियो जज नरेश कुमार चंद्रवंशी भी कार्यक्रम में शामिल होंगे, जिससे पूरे न्यायालय परिसर में उत्साह का माहौल है।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में जिले भर के विभिन्न न्यायालयों में कुल 39 पीठों का गठन किया गया है। इन पीठों में समझौता योग्य आपराधिक मामलों, दीवानी विवाद, पारिवारिक प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा, चेक बाउंस, बैंक, बिजली और दूरसंचार से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों का सौहार्दपूर्ण निराकरण किया जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा लगातार लोक अदालत व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आमजन के लिए सुलभ बनाने पर जोर दे रहे हैं। इसी दिशा में उन्होंने 26 फरवरी और 11 मार्च 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की थी। उनके मार्गदर्शन में जिला न्यायालय दुर्ग ने आयोजन को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी की है।

इस बार लोक अदालत को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए मोबाइल वैन के जरिए जागरूकता अभियान चलाया गया है। खास बात यह है कि वृद्ध, बीमार या न्यायालय तक नहीं पहुंच पाने वाले पक्षकारों के लिए लोक अदालत के दिन मोबाइल वैन की विशेष व्यवस्था रहेगी, जो सीधे उनके पास पहुंचकर उन्हें प्रक्रिया से जोड़ेगी।

आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। लोक अदालत की कार्यवाही भौतिक और वर्चुअल दोनों माध्यमों से होगी, जिससे दूर-दराज के लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने मामलों का समाधान करा सकेंगे।
कार्यक्रम को और खास बनाने के लिए न्यायालय परिसर में केंद्रीय जेल दुर्ग के बंदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प और चित्रकला की प्रदर्शनी-सह-विक्रय भी लगाई जाएगी। साथ ही स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन भी किया जाएगा।

जिला न्यायालय दुर्ग में इस राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंकों और विभिन्न विभागों के बीच खास उत्साह देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि यह आयोजन न सिर्फ हजारों मामलों के त्वरित समाधान का रास्ता खोलेगा, बल्कि न्याय व्यवस्था के प्रति आमजन के विश्वास को भी और मजबूत करेगा।



































