TEHRAN NEWS. इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब और भी खतरनाक मोड़ ले चुकी है। युद्ध के तीसरे दिन अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है। एक तरफ जहां भारी बमबारी से ईरान दहल उठा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी देशों के बीच आपसी मतभेद भी उभर कर सामने आने लगे हैं।

स्पेन का इनकार, लौट गए 15 अमेरिकी विमान
युद्ध के बीच अमेरिका को बड़ा झटका देते हुए स्पेन ने अपने सैन्य अड्डों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ करने से साफ मना कर दिया है। स्पेन के विदेश मंत्री जोसे मैनुअल अल्बारेस ने दो टूक शब्दों में कहा, “स्पेनिश बेस इस ऑपरेशन के लिए उपयोग में नहीं लाए जा रहे हैं और न ही भविष्य में ऐसी किसी कार्रवाई के लिए इस्तेमाल होंगे।” इस कड़े फैसले के बाद स्पेन के रोटा और मोरॉन एयरबेस से 15 अमेरिकी विमानों को वापस लौटना पड़ा।

ब्रिटेन से भी तनातनी, ट्रंप हुए नाराज
इधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सबसे करीबी सहयोगी ब्रिटेन के प्रति भी नाराजगी जाहिर की है। खबर है कि ब्रिटिश पीएम कीर स्टारमर ने हिंद महासागर में स्थित डिएगो गॉसिया मिलिट्री बेस देने में 48 घंटे की देरी की। अमेरिका पहले दिन ही यहां से हमला करना चाहता था, लेकिन ब्रिटेन ने केवल मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने की शर्त पर मंजूरी दी।

ईरान में तबाही का मंजर, सुप्रीम लीडर की मौत का दावा
अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान के 1000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया है। शुरुआती 30 घंटों में ही 2000 से ज्यादा बम गिराए गए। इस हमले में अब तक 555 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है और 740 से ज्यादा घायल हैं। दावा किया जा रहा है कि जंग के पहले ही दिन हुई बमबारी में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई।

जवाबी हमला: 4 देशों में 6 अमेरिकी बेस पर हमला
ईरान ने भी पलटवार करते हुए मिडिल-ईस्ट के 4 देशों में स्थित 6 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। कुवैत में ईरान के हमले के बाद अमेरिका के कई फाइटर जेट क्रैश हो गए। हालांकि, इस हादसे में किसी की जान जाने की खबर नहीं है। वहीं, कुवैत ने गलती से 3 अमेरिकी फाइटर जेट्स को दुश्मन का विमान समझकर उन पर निशाना साध दिया, लेकिन सभी पायलट सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

बातचीत के रास्ते बंद
ईरान के टॉप नेशनल सिक्योरिटी अधिकारी अली लारीजानी ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अब अमेरिका से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने बातचीत की तमाम अटकलों को खारिज करते हुए जंग जारी रखने के संकेत दिए हैं।


































