DEHRADUN NEWS. चारधाम यात्रा को श्रद्धालुओं के लिए सुगम बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। मंदिरों में लंबी कतारों से राहत देने के लिए इस बार डिजिटल टोकन सिस्टम लागू किया जाएगा। टोकन लेने के बाद श्रद्धालुओं को लाइन में खड़ा नहीं होना होगा, बल्कि स्क्रीन पर नंबर आने पर ही दर्शन के लिए प्रवेश मिलेगा। प्रमुख सचिव ने इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दे दिए हैं। जनवरी के अंत में होने वाली बैठक में पूरा प्लान तय होगा। पिछले सीजन में टोकन सिस्टम फेल होने से अव्यवस्था हुई थी।

उत्तराखंड में सरकार इन दिनों शीतकालीन चारधाम यात्रा का संचालन कर रही है। यात्रा प्रशासन के अनुसार, अब तक करीब 15 हजार श्रद्धालु शीतकालीन स्थलों पर दर्शन के लिए पहुंचे हैं। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्राें में बर्फबारी की उम्मीद जताई गई है। इसे देखते हुए मुखबा, खर्साली, ऊखीमठ व पांडुकेश्वर में अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

केदारनाथ रोपवे का मार्च से काम शुरू होगा; सोनप्रयाग से केदारनाथ तक रोपवे निर्माण का काम इसी साल मार्च से शुरू होगा। करीब साढ़े बारह किलोमीटर लंबे इस रोपवे से मात्र 35 मिनट में ही केदारनाथ तक पहुंचा जा सकेगा। अभी पैदल करीब 6-9 घंटे और खच्चर या पालकी से 5-7 घंटे लगते हैं।

डिजिटल टोकन इसका उद्देश्य लंबी कतारों से बचना और कम समय में अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन कराना है, जिससे यात्रा सुगम हो सके। यह व्यवस्था ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण (जैसे आधार कार्ड के साथ) दोनों के लिए लागू है, ताकि भीड़ नियंत्रित रहे।

ऐसे ले सकते हैं टोकन
डिजिटल टोकन से भक्तों को राहत मिलेगी। यह प्रणाली दर्शन के समय को नियंत्रित करती है, जिससे भीड़ कम होती है और श्रद्धालुओं का समय बचता है। यात्रा पंजीकरण के बाद, तीर्थयात्रियों को एक टोकन मिलता है, जिसमें उनके दर्शन का समय लिखा होता है। केदारनाथ (MI हेलीपैड के पास) और बद्रीनाथ (ISBT/BRO सर्कल) जैसे स्थानों पर टोकन काउंटर बनाए गए हैं।




































