WASHINGTON NEWS. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बुधवार को तीन दिवसीय स्टेट विजिट पर अमेरिका पहुंचे। उनके स्वागत के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पहुंचे। किसी विदेशी नेता का इस तरह एयरपोर्ट पर व्यक्तिगत रूप से स्वागत करना अमेरिकी राष्ट्रपतियों के लिए सामान्य प्रोटोकॉल नहीं माना जाता। शी के आगमन पर रेड कार्पेट, सैन्य सम्मान और औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। शी की यह 2015 के बाद पहली अमेरिकी स्टेट विजिट है। हालांकि, वह 2023 में सैन फ्रांसिस्को में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (APEC) सम्मेलन के लिए अमेरिका आए थे। इस लिहाज से मौजूदा दौरा वॉशिंगटन की उनकी लंबे अंतराल के बाद वापसी है।

ट्रंप का एयरपोर्ट पहुंचकर शी का स्वागत करना इस यात्रा की शुरुआत का सबसे चर्चित कूटनीतिक संकेत रहा। मई 2026 में ट्रंप चीन की यात्रा पर गए थे, जहां शी ने उनका औपचारिक स्वागत किया था। अब अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी शी के लिए इसी तरह उच्चस्तरीय स्वागत की व्यवस्था की है। दोनों नेताओं के बीच इस साल यह दूसरी आमने-सामने मुलाकात है। अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप भी शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन के स्वागत समारोह में मौजूद रहीं। व्हाइट हाउस के कार्यक्रम के मुताबिक यात्रा के दौरान औपचारिक बैठक और स्टेट डिनर समेत कई कार्यक्रम निर्धारित हैं।

ट्रंप और शी की बातचीत ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका और चीन के बीच व्यापार, टैरिफ और तकनीक को लेकर लंबे समय से मतभेद हैं। दोनों पक्ष मौजूदा व्यापार समझौते की अवधि बढ़ाने और आर्थिक रिश्तों में स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा कर सकते हैं। दुर्लभ खनिजों (Rare Earths) का निर्यात भी बातचीत का अहम हिस्सा हो सकता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भी दोनों देशों के बीच रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। अमेरिकी तकनीकी प्रतिबंधों, AI चिप्स और उन्नत तकनीक तक चीन की पहुंच से जुड़े मुद्दे बातचीत में उठ सकते हैं। दोनों देशों के बीच AI से जुड़े संभावित सहयोग और तकनीकी नियंत्रण भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

ताइवान का मुद्दा अमेरिका-चीन संबंधों में सबसे संवेदनशील विषयों में से एक है। रॉयटर्स के अनुसार, शी अमेरिकी हथियारों की ताइवान को बिक्री रोकने की मांग भी उठा सकते हैं। शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ व्हाइट हाउस के कई औपचारिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। गुरुवार को ट्रंप और शी के बीच शीर्ष स्तर की बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर आयोजित किया जाएगा।

तीन दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों पक्षों के बीच व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा जारी रहेगी। रॉयटर्स के मुताबिक, इस यात्रा से किसी बड़े समझौते की तत्काल उम्मीद कम है। फिलहाल दोनों देशों का जोर व्यापारिक तनाव को नियंत्रित करने और अमेरिका-चीन संबंधों में संवाद बनाए रखने पर है।





































