NEW DELHI NEWS. दुनिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सबसे बड़े समूहों में शामिल BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन आज से नई दिल्ली में शुरू हो रहा है। भारत की मेजबानी में हो रहे इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मौजूदगी खास तौर पर चर्चा में है। BRICS के मंच पर तीनों नेता करीब 10 साल बाद एक साथ दिखाई देंगे। इससे पहले 2016 में गोवा में हुए BRICS सम्मेलन में तीनों एक साथ नजर आए थे। इस बार सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को भारत मंडपम में होगा।

BRICS का प्रभाव सिर्फ सदस्य देशों की संख्या से नहीं, बल्कि उनकी आबादी और आर्थिक ताकत से भी समझा जा सकता है। वर्तमान में समूह में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। भारत सरकार के अनुसार, इन 11 देशों में दुनिया की करीब 49.5% आबादी रहती है। आर्थिक ताकत की बात करें तो ये देश वैश्विक GDP का करीब 40% हिस्सा रखते हैं।

भारत के लिए क्यों अहम है यह सम्मेलन?
भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। सम्मेलन में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार, व्यापार और निवेश बढ़ाने, वित्तीय सहयोग, आपूर्ति श्रृंखला, तकनीक और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है। भारत की अध्यक्षता में BRICS का फोकस लचीली अर्थव्यवस्था, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास जैसे मुद्दों पर रखा गया है। सम्मेलन के अंत में नई दिल्ली घोषणा अपनाई जानी है।

मोदी-पुतिन की मुलाकात, शी जिनपिंग पर नजर
BRICS सम्मेलन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 सितंबर को नई दिल्ली में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, अंतरिक्ष, कौशल और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। मोदी ने पुतिन को तिरुक्कुरल का रूसी भाषा में अनुवाद भी भेंट किया। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा भी इस सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण है। भारत-चीन संबंधों में हाल के वर्षों में तनाव के बाद दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ने के बीच शी की नई दिल्ली यात्रा को खास महत्व मिल रहा है।

चीन से भारत के लिए फिर शुरू होंगी सीधी उड़ानें
BRICS सम्मेलन के बीच भारत-चीन कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ा अपडेट आया है। China Southern Airlines ने 21 सितंबर से दिल्ली-ग्वांगझू के बीच रोजाना सीधी उड़ानें फिर शुरू करने की घोषणा की है। यह सेवा करीब छह साल के अंतराल के बाद बहाल हो रही है। एयरलाइन के अनुसार दिल्ली-ग्वांगझू रूट पर दैनिक उड़ान संचालित होगी। BRICS सम्मेलन को देखते हुए नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी की गई है। सम्मेलन स्थल और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत वाहनों की जांच और ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किए गए हैं।




































