RAIPUR NEWS. जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले दोनों की धार्मिक पहचान पूछी और फिर उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। इस घटना ने पहलगाम आतंकी हमले की याद ताजा कर दी है। घटना की प्रदेशभर में निंदा हो रही है।

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस हमले को बेहद कायराना बताते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आतंकवादी करीब 10 मिनट तक मजदूरों से बातचीत करते रहे और फिर अचानक उन पर गोलियां चला दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे अलगाववादी और आतंकवादी तत्वों के खिलाफ केंद्र सरकार और सुरक्षा बल लगातार कार्रवाई कर रहे हैं तथा आने वाले समय में उन्हें खोजकर कड़ी सजा दी जाएगी।

इलाज के दौरान दोनों ने तोड़ा दम
जानकारी के मुताबिक, कुलगाम जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने दो मजदूरों को निशाना बनाया। गोली लगने के बाद दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें दीपक की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र को बेहतर उपचार के लिए जीएमसी अनंतनाग रेफर किया गया, जहां उसने भी दम तोड़ दिया।

लश्कर-ए-तैयबा पर हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा
रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा ने लेने का दावा किया है। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने पहले दोनों मजदूरों की धार्मिक पहचान की और हिंदू होने की पुष्टि के बाद उन्हें गोली मार दी।

घटना के बाद पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पूरे इलाके की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश के लिए व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने की 20-20 लाख मुआवजे की घोषणा
जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो श्रमिकों की मौत के बाद राज्य सरकार ने उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।






































