MUNGELI NEWS : मुंगेली जिले की लोरमी तहसील में एक भूमि रजिस्ट्री को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। शिकायतकर्ता ओंकार डहरिया ने तहसीलदार को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि ग्राम छीतापार (झितापार) में हुई रजिस्ट्री के दौरान पक्के मकान को नजरअंदाज कर संपत्ति का मूल्यांकन केवल खाली जमीन के रूप में किया गया। इससे शासन को स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क के रूप में राजस्व का नुकसान होने की आशंका जताई गई है।

शिकायत के अनुसार, जिस भूमि की रजिस्ट्री 16 मार्च 2026 को हुई, उस पर पहले से पक्का मकान बना हुआ था। इसके बावजूद दस्तावेज में केवल भूमि का मूल्यांकन किया गया। आरोप है कि लाखों रुपये मूल्य की संपत्ति को मात्र ₹27,000 का बताकर रजिस्ट्री कराई गई।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम छीतापार स्थित खसरा नंबर 56/1 की कृषि भूमि से 0.0240 हेक्टेयर भूमि अलग दिखाकर नया खसरा नंबर 56/3 दर्ज कराया गया। इसके बाद 28 मई 2024 को कथित रूप से फर्जी विक्रय पत्र के जरिए 0.0120 हेक्टेयर भूमि इंद्राणी के नाम दर्ज कर खसरा नंबर 56/4 बना दिया गया।

शिकायत में रजिस्ट्री दस्तावेज को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें खरीदार का नाम इंद्राणी, पति सतीष कुमार, निवासी कुशरुताल दर्ज है। जबकि दस्तावेज में संलग्न आधार कार्ड के अनुसार इंद्राणी के पति का नाम अनिल कुमार बांधी और पता हाउस नंबर 23, वार्ड नंबर 4, मंझोली (खान), पंडरिया, जिला कबीरधाम बताया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पति के नाम में यह अंतर रजिस्ट्री में संभावित फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता है।



शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, संपत्ति का वास्तविक बाजार मूल्य तय करने, शासन को हुई संभावित राजस्व हानि की भरपाई कराने और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही अनिल कुमार बांधी का बयान लेकर यह स्पष्ट करने की भी मांग की गई है कि इंद्राणी का वास्तविक पति कौन है।

फिलहाल मामला जांच के अधीन है। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि रजिस्ट्री में हुई गड़बड़ी तकनीकी त्रुटि थी या फिर नियमों की अनदेखी कर किसी को अनुचित लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।




































