NEW DELHI NEWS. खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज स्ट्रेट में सोमवार देर रात ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो वाणिज्यिक तेल टैंकरों पर किए गए कथित क्रूज मिसाइल हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि कई अन्य भारतीय घायल हो गए। घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए नई दिल्ली में ईरानी उप राजदूत मोहम्मद जवाद हुसैनी समेत वरिष्ठ राजनयिकों को तलब कर तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है।

विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, हमले का निशाना बने ‘एमटी अल बहियाह’ (MT Al Bahiyah) और ‘एमटी मोम्बासा’ (MT Mombasa) नामक दो तेल टैंकरों पर कुल 46 क्रू मेंबर सवार थे, जिनमें 30 भारतीय नागरिक शामिल थे।

एमटी अल बहियाह पर मौजूद 12 भारतीयों में से एक की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ है। वहीं एमटी मोम्बासा पर तैनात 18 भारतीयों में से 9 घायल हुए हैं, जिनमें दो की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है।

घटना के बाद भारत सरकार ने सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए हालात पर लगातार नजर रखने की बात कही है। विदेश मंत्रालय ने संबंधित देशों के अधिकारियों से संपर्क बनाए रखा है और प्रभावित भारतीयों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

अमेरिका की जवाबी कार्रवाई, ईरान के सैन्य ठिकानों पर 5 घंटे तक बमबारी
इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में सैन्य गतिविधियां और तेज हो गईं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी वायुसेना ने मंगलवार सुबह ईरान के कई रणनीतिक सैन्य ठिकानों और मिसाइल लॉन्च पैड्स पर व्यापक हवाई कार्रवाई की। बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास सहित कई स्थानों पर करीब पांच घंटे तक बमबारी की गई। अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इस कार्रवाई में ईरान के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात पर नजर बनाए हुए है। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।





































