15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी और तेज गेंदबाज मयंक यादव की यादगार वापसी के दम पर भारत ने गुरुवार को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में जिम्बाब्वे को सात विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। श्रेयस अय्यर की कप्तानी में यह भारत की पहली जीत भी रही।टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए जिम्बाब्वे को निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट पर 125 रन तक सीमित रखा। जवाब में भारत ने केवल 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और मुकाबले पर पूरी तरह अपना दबदबा बनाए रखा।

वैभव ने 18 गेंदों में जड़ा रिकॉर्डतोड़ अर्धशतक
126 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। इसके बाद क्रीज पर आए युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाया। रिचर्ड नगारवा और ब्लेसिंग मुजारबानी जैसे अनुभवी गेंदबाज भी उनके सामने बेबस नजर आए। वैभव ने केवल 19 गेंदों में चार चौकों और चार छक्कों की मदद से 50 रन बनाए, जबकि उनका अर्धशतक महज 18 गेंदों में पूरा हुआ। अर्धशतक पूरा करने के तुरंत बाद वह आउट हो गए, लेकिन तब तक भारत जीत की दहलीज पर पहुंच चुका था। उनके बाद ईशान किशन ने 24 गेंदों में 35 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि कप्तान श्रेयस अय्यर 24 गेंदों में 28 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत ने 40 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।

टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे युवा अर्धशतकवीर बने वैभव
इस शानदार पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी ने इतिहास रच दिया। 15 वर्ष और 118 दिन की उम्र में अर्धशतक बनाकर वह टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में 50 रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने जिब्राल्टर के लुई ब्रूस (16 वर्ष 56 दिन) का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। वैभव इससे पहले 15 वर्ष और 99 दिन की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण कर सचिन तेंदुलकर का सबसे युवा भारतीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बनने का रिकॉर्ड भी तोड़ चुके हैं। इंग्लैंड दौरे पर लगातार तीन छोटी पारियों के बाद हरारे में खेली गई यह पारी उनके उज्ज्वल भविष्य की एक और मजबूत झलक साबित हुई। दिलचस्प बात यह है कि इसी मैदान पर उन्होंने इस वर्ष अंडर-19 विश्व कप फाइनल में 175 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी और अब यहीं अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का पहला अर्धशतक भी दर्ज किया।

मयंक यादव की शानदार वापसी
करीब 21 महीने बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लौटे तेज गेंदबाज मयंक यादव ने अपनी वापसी को यादगार बना दिया। उन्होंने मैच की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को विकेटकीपर ईशान किशन के हाथों कैच कराकर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई। ऑन-फील्ड अंपायर ने बल्लेबाज को नॉट आउट दिया था, लेकिन डीआरएस में फैसला भारत के पक्ष में गया। इसके साथ ही मयंक यादव टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले की पहली गेंद पर विकेट लेने वाले तीसरे भारतीय गेंदबाज बन गए। उनसे पहले यह उपलब्धि अर्शदीप सिंह और हार्दिक पांड्या हासिल कर चुके हैं।

145 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से लगातार गेंदबाजी करने वाले मयंक ने चार ओवर में सिर्फ 18 रन देकर दो विकेट झटके। उन्होंने डियन मायर्स को भी अपनी तेज गति से परेशान करते हुए आउट किया और साबित करभारतीय गेंदबाजों ने पूरे मैच में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों पर शिकंजा कसकर रखा। मयंक यादव और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट हासिल किए। प्रिंस ने अपने चार ओवर दिया कि चोट से उबरने के बाद उनकी रफ्तार और धार दोनों बरकरार हैं।
भारतीय गेंदबाजों का दमदार प्रदर्शन
भारतीय गेंदबाजों ने पूरे मैच में जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों पर शिकंजा कसकर रखा। मयंक यादव और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट हासिल किए। प्रिंस ने अपने चार ओवर के स्पेल में सिर्फ 19 रन खर्च किए। वहीं शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को एक-एक सफलता मिली। डेब्यू कर रहे अशोक शर्मा ने शुरुआत में कुछ रन जरूर दिए, लेकिन बाद में अच्छी वापसी की। जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने 32 रन तक अपने चार प्रमुख बल्लेबाज गंवा दिए। ब्रायन बेनेट (0), बेन करन (10), डियन मायर्स (6) और कप्तान सिकंदर रजा (4) सस्ते में आउट हो गए। इसके बाद रयान बर्ल (26), वेस्ली मधेवेरे (38) और तादिवानाशे मारुमानी (नाबाद 27) ने संघर्ष किया, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने मेजबान टीम 20 ओवर में सात विकेट पर 125 रन ही बना सकी। भारत ने इसके बाद आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए आसानी से लक्ष्य हासिल किया और सीरीज की विजयी शुरुआत की।





































