NEW DELHI NEWS. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस अवधि के लिए केंद्र सरकार ने ₹3.15 लाख करोड़ के वित्तीय परिव्यय को स्वीकृति प्रदान की है। इस फैसले से देशभर के करोड़ों किसानों को योजना का लाभ लगातार मिलता रहेगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि PM-KISAN केंद्र सरकार की प्रमुख किसान कल्याण योजनाओं में शामिल है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में ₹2,000-₹2,000 करके सीधे उनके बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है। यह सहायता किसानों को बीज, उर्वरक और अन्य कृषि आवश्यकताओं की खरीद में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करती है।

कर्ज पर निर्भरता घटी, खेती में बढ़ा निवेश
सरकार के अनुसार, विभिन्न अध्ययनों में सामने आया है कि PM-KISAN योजना के कारण लगभग 85 प्रतिशत किसानों की अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम हुई है। वहीं नीति आयोग के डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (DMEO) के मूल्यांकन के अनुसार, 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने योजना की राशि का उपयोग कृषि कार्यों और खेती में निवेश के लिए किया।

अब तक किसानों को मिले ₹4.47 लाख करोड़
फरवरी 2019 में शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक 23 किस्तों में ₹4.47 लाख करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। 23वीं किस्त के तहत 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को ₹18,984 करोड़ की सहायता राशि दी गई। कोविड-19 महामारी के दौरान भी किसानों को राहत देने के लिए ₹1.71 लाख करोड़ वितरित किए गए।

महिला किसानों को भी मिला बड़ा लाभ
सरकार के मुताबिक, PM-KISAN योजना के तहत महिला किसानों को अब तक ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की सहायता मिल चुकी है। योजना के प्रत्येक चार लाभार्थियों में से लगभग एक महिला किसान है।

कृषि उत्पादन में दर्ज हुई बढ़ोतरी
सरकार का दावा है कि वर्ष 2020-21 से 2025-26 के बीच खाद्यान्न उत्पादन में 21.18 प्रतिशत, खेती के रकबे में 9.65 प्रतिशत और कृषि उत्पादकता में 10.53 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकार का मानना है कि योजना के विस्तार से किसानों की निवेश क्षमता बढ़ेगी, कृषि उत्पादन को मजबूती मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।





































