JANJGIR NEWS. जांजगीर-चांपा जिले के साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन बैंकिंग धोखाधड़ी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए 11वीं बटालियन में पदस्थ एक आरक्षक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपने ही साथी आरक्षक का मोबाइल फोन चोरी कर उसमें मौजूद आधार नंबर के जरिए यूपीआई आईडी बनाई और बैंक खाते से करीब 4.88 लाख रुपये निकाल लिए। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने का आदी था और उसने चोरी की पूरी रकम गेमिंग में खर्च कर दी।

पुलिस के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम चांदो निवासी सुधीर कुमार सिंह (41) वर्तमान में 11वीं बटालियन जांजगीर में आरक्षक के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि 23 अप्रैल 2026 की रात उन्होंने अपना वीवो वाई-21 मोबाइल फोन बैरक में चार्जिंग पर लगाया था। ड्यूटी पर जाने से पहले जब वे मोबाइल लेने पहुंचे तो वह गायब मिला।

कुछ दिनों बाद आवश्यकता पड़ने पर जब उन्होंने अपने बैंक खाते की जानकारी ली तो खाते में जमा राशि नहीं मिली। बैंक स्टेटमेंट की जांच करने पर पता चला कि 24 अप्रैल से 3 मई 2026 के बीच उनके खाते से विभिन्न ऑनलाइन माध्यमों से कुल 4,87,911 रुपये की अनधिकृत निकासी की गई है। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना जांजगीर में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की तकनीकी जांच के दौरान पुलिस का संदेह 11वीं बटालियन में पदस्थ आरक्षक सुनील कुमार यादव पर गया। घटना के बाद से उसका बटालियन परिसर में मौजूद नहीं होना भी संदेह का कारण बना। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि उसने साथी आरक्षक का मोबाइल चोरी कर उसमें उपलब्ध आधार नंबर की मदद से यूपीआई आईडी बनाई और बैंक खाते से रकम निकाल ली। उसने यह भी कबूल किया कि निकाली गई राशि ऑनलाइन गेम खेलने में खर्च कर दी।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-सी और 66-डी के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की स्थिति में तुरंत सिम कार्ड बंद कराएं और बैंक तथा यूपीआई सेवाओं को भी तत्काल सूचित करें, ताकि किसी भी प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी से बचा जा सके।






































