DURG NEWS. चेक बाउंस (परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138) से जुड़े लंबित मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण निराकरण के लिए शनिवार, 18 जुलाई को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसका उद्देश्य पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाते हुए आपसी समझौते के आधार पर विवादों का स्थायी समाधान उपलब्ध कराना है।

छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में आयोजित इस विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र, सरल और प्रभावी तरीके से निपटारा किया जाएगा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग ने चेक धारकों, चेक जारीकर्ताओं, पक्षकारों और अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे अपने-अपने मामलों में संबंधित न्यायालय या अधिवक्ता के माध्यम से संपर्क कर इस विशेष लोक अदालत का अधिकतम लाभ उठाएं। इसके लिए जिलेभर में व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया है।

विशेष लोक अदालत को सफल बनाने के लिए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट भूपेश कुमार बसंत तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी आकांक्षा राठौर और अंजली सिंह की विशेष टीम गठित की गई है। टीम ने संबंधित पक्षकारों और अधिवक्ताओं से लगातार संपर्क कर उन्हें आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए प्रेरित किया है।

प्राधिकरण के अनुसार लोक अदालत में समझौते के आधार पर मामलों का निराकरण होने से पक्षकारों के समय, धन और श्रम की बचत होती है। साथ ही आपसी संबंधों में सुधार होता है और विवाद का संतोषजनक समाधान निकलता है। लोक अदालत का निर्णय दोनों पक्षों पर बाध्यकारी होता है तथा उसे न्यायालय के निर्णय के समान कानूनी मान्यता प्राप्त होती है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर ने नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाकर अपने लंबित चेक बाउंस मामलों का आपसी समझौते से निराकरण कराने और न्याय को अधिक सुलभ, त्वरित एवं सरल बनाने की इस पहल में सहभागी बनने की अपील की है।





































