ANDHRA PRADESH NEWS : देश में कोरोना वायरस (Covid-19) को लेकर एक बार फिर सतर्कता बढ़ा दी गई है। इसी बीच आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले से एक चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां कोरोना जैसे लक्षणों से पीड़ित 46 वर्षीय व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इस मौत को कोविड-19 से जोड़कर पुष्टि नहीं की है। अंतिम निष्कर्ष के लिए मरीज के सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजे गए हैं।

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, कडप्पा के मासपेटा निवासी मरीज को 4 जुलाई को सांस लेने में गंभीर तकलीफ और कोरोना जैसे लक्षणों के बाद गवर्नमेंट जनरल हॉस्पिटल-RIMS (GGH-RIMS) में भर्ती कराया गया था। जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि उसके दोनों फेफड़ों में गंभीर संक्रमण फैल चुका था। चिकित्सकों की टीम ने लगातार चार दिनों तक उसका इलाज किया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ और संक्रमण बढ़ने के कारण उसकी मौत हो गई।

अस्पताल के सूत्रों के मुताबिक, मृतक को लंबे समय से अत्यधिक शराब पीने की लत थी। डॉक्टरों का मानना है कि शराब के अधिक सेवन से उसका लिवर और प्रतिरक्षा तंत्र पहले से कमजोर हो चुका था, जिससे फेफड़ों का संक्रमण और अधिक गंभीर हो गया। हालांकि, फेफड़ों में संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने कोविड-19 या किसी अन्य श्वसन संबंधी वायरस की आशंका भी जताई है। फिलहाल इसकी पुष्टि केवल प्रयोगशाला जांच के बाद ही हो सकेगी।

जिले के प्रभारी डिस्ट्रिक्ट मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर (DMHO) डॉ. रवि बाबू ने बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मरीज के बायोलॉजिकल सैंपल पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम वायरोलॉजी रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मरीज की मौत कोविड-19 के कारण हुई या किसी अन्य रेस्पिरेटरी संक्रमण की वजह से।

स्वास्थ्य विभाग ने एहतियात के तौर पर मरीज के संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, घबराने की बजाय सतर्क रहें और स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।






































