DURG NEWS. अपनी लंबित मांगों को लेकर पिछले तीन सप्ताह से आंदोलनरत अतिथि शिक्षकों और विद्यामितानों को प्रशासन ने धरना समाप्त करने का अल्टीमेटम दिया है। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को निर्देश दिया है कि वे शाम तक धरना स्थल से टेंट और अन्य सामान हटा लें, अन्यथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बल प्रयोग सहित आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।

प्रदेशभर के अतिथि शिक्षक और विद्यामितान 1 जुलाई से दुर्ग के पटेल चौक स्थित जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। प्रदर्शनकारी नियमितीकरण, संविलियन, समान कार्य के लिए समान वेतन और सेवा सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

सोमवार को अतिथि शिक्षकों ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के दुर्ग स्थित सरकारी आवास का घेराव करने का प्रयास किया था। इसके बाद रायपुर में शिक्षा मंत्री के साथ उनकी बैठक भी हुई, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। इसी बीच प्रशासन ने धरना स्थल खाली करने का आदेश जारी कर दिया है।

मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें नियमितीकरण, सेवा सुरक्षा और समान वेतन का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को खून से पत्र भी लिखा, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।

संघ का दावा है कि 1 जुलाई से जारी हड़ताल के कारण प्रदेश के कई शासकीय विद्यालयों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, खासकर उन स्कूलों में जहां विषय विशेषज्ञ के रूप में अतिथि शिक्षक ही अध्यापन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी।






































