PETROL DIESEL PRICE : नई दिल्ली। पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों को लेकर आम लोगों की चिंता एक बार फिर बढ़ सकती है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने संकेत दिए हैं कि ईंधन की कीमतों में किसी भी तरह का बदलाव अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार की स्थिति और वैश्विक सप्लाई पर निर्भर करेगा।

वैश्विक बाजार पर सरकार की नजर
केरल के त्रिशूर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि ईंधन कीमतों से जुड़ा कोई भी फैसला वैश्विक हालात और तेल की उपलब्धता को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।

वेस्ट एशिया तनाव का दिख रहा असर
सुरेश गोपी ने कहा कि हाल के दिनों में वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई में आने वाली बाधाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है, जिसके चलते कई देशों में ईंधन कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

सप्लाई में अस्थिरता से बढ़ सकती हैं कीमतें
मंत्री के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों में अस्थिरता बनी रहती है, तो इसका प्रभाव भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में जारी भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां तेल एवं गैस बाजार को प्रभावित कर रही हैं।

फिलहाल बढ़ोतरी पर नहीं दिया स्पष्ट जवाब
हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने यह स्पष्ट नहीं किया कि निकट भविष्य में पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी होगी या नहीं। लेकिन उनके बयान से यह संकेत जरूर मिला है कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर बाजार की परिस्थितियों के अनुसार फैसला लिया जा सकता है।





































