RAIPUR NEWS. राजधानी रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए सोमवार सुबह से प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह से अब तक 80 से अधिक मकानों को ध्वस्त किया जा चुका है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना और इंदिरा आवास योजना के तहत बने 32 मकान भी शामिल हैं। कार्रवाई के लिए प्रशासन ने रविवार देर रात से ही गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था और एक हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। 29 जून की सुबह जेसीबी मशीनें गांव पहुंचीं तो कई ग्रामीण अपने घर बचाने के लिए मशीनों के सामने खड़े हो गए।

इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई। विरोध बढ़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाते हुए कार्रवाई जारी रखी। फिलहाल 20 से 25 जेसीबी लगातार मकानों को तोड़ने में लगी हैं। ग्रामीणों में सबसे अधिक नाराजगी इस बात को लेकर है कि दो दिन पहले सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोगों को भरोसा दिलाया था कि बारिश के मौसम में किसी के मकान नहीं तोड़े जाएंगे।

इसके बावजूद सोमवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ कार्रवाई शुरू होने से लोगों में आक्रोश फैल गया। कार्रवाई के दौरान कई परिवार घरों के बाहर अपना सामान लेकर बैठे नजर आए, जबकि कई लोग मलबे के बीच अपने सामान को समेटते दिखे। प्रशासन ने गांव में बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। किसी को भी गांव के भीतर प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि उनके घरेलू सामान को वाहनों में भरकर बाहर ले जाया जा रहा है, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया जा रहा कि सामान कहां रखा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान अगले दो दिनों तक जारी रहेगा। इस बीच जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने का दावा किया है।

प्रशासन के मुताबिक कुल 75 प्रभावित परिवारों को नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) आवासों में बसाने की तैयारी की गई है। इसके लिए मकानों के आवंटन की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों को चरणबद्ध तरीके से नए आवास उपलब्ध कराए जाएंगे।






































