RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में शराब की ओवररेट बिक्री के मामले में आबकारी विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। आबकारी आयुक्त पी.एस. एल्मा के निर्देश पर विभाग ने तीन और आबकारी सब इंस्पेक्टरों को निलंबित कर दिया है, जबकि पांच आबकारी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। सभी अधिकारियों से सात दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है कि उनके कार्यक्षेत्र में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब की बिक्री क्यों हो रही थी। प्रदेश में शराब ओवररेटिंग का मामला सामने आने के बाद आबकारी विभाग लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है।

इससे पहले 11 जून को भी विभाग ने तय कीमत से अधिक दर पर शराब बिक्री के मामले में चार आबकारी सब इंस्पेक्टरों को निलंबित किया था। विभिन्न जिलों से शराब की ओवररेट बिक्री की शिकायतें मिलने के बाद विभाग ने जांच शुरू की थी। जांच में पाया गया कि कई शराब दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली जा रही थी।

इसके बाद रायपुर के कौशल किशोर सोनी, धमतरी के पुरुषोत्तम सिन्हा, बलौदाबाजार-भाटापारा के मनराखन नेताम और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई क्षेत्र के प्रभाकर सिरमौर के खिलाफ कार्रवाई की गई। आरोप है कि इनके कार्यक्षेत्र की दुकानों में नियमों का उल्लंघन कर शराब बेची जा रही थी।

हर बोतल पर 10 से 20 रुपये अतिरिक्त वसूली
राजधानी रायपुर में आबकारी विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड का मुख्यालय होने के बावजूद ओवररेटिंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका। आरोप है कि प्रदेशभर में देसी और विदेशी शराब की बोतलों पर निर्धारित कीमत से 10 से 20 रुपये अधिक वसूले जा रहे थे।

इस अवैध वसूली के जरिए सालाना करीब 1500 करोड़ रुपये की समानांतर कमाई का नेटवर्क विकसित हो गया था, जिस पर अब विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ओवररेटिंग के मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।






































