बीड। महाराष्ट्र के बीड जिले से एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। दामाद को सरप्राइज गिफ्ट देने के लिए ससुर ने सोने की अंगूठी आटे के गोले में छिपाई थी, लेकिन उससे पहले ही घर की बिल्ली ने वह गोला निगल लिया। इसके साथ ही सोने की अंगूठी भी बिल्ली के पेट में पहुंच गई।

दामाद के लिए तैयार किया गया था खास सरप्राइज
जानकारी के अनुसार परिवार अधिक मास की परंपरा के तहत अपने दामाद को सोने की अंगूठी भेंट करना चाहता था। अंगूठी को सरप्राइज के तौर पर देने के लिए उसे आटे के गोले में छिपाया गया था। हालांकि, मौका मिलने पर घर की बिल्ली ने वह गोला खा लिया और अंगूठी उसके पेट में चली गई।

कई दिनों तक अंगूठी निकलने का किया इंतजार
परिजनों को जब घटना की जानकारी हुई तो उन्होंने बिल्ली को घर में ही निगरानी में रखा। उम्मीद थी कि कुछ समय बाद अंगूठी स्वाभाविक रूप से बाहर निकल आएगी। लेकिन कई दिन बीत जाने के बावजूद ऐसा नहीं हुआ।
पशु चिकित्सक की मदद भी नहीं आई काम
इसके बाद बिल्ली को पशु चिकित्सक के पास ले जाया गया। चिकित्सकों ने दवाओं और अन्य उपायों के जरिए अंगूठी बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। उपचार के दौरान बिल्ली की मौत हो गई।

शल्यक्रिया में मिली सोने की अंगूठी
बिल्ली की मौत के बाद उसके पेट की शल्यक्रिया की गई। इस दौरान सोने की अंगूठी बरामद कर ली गई। अंगूठी मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली, लेकिन पूरी घटना इलाके में चर्चा का विषय बन गई।

अधिक मास की परंपरा से जुड़ा है मामला
स्थानीय परंपरा के अनुसार अधिक मास में दामाद को ससुराल बुलाकर विशेष सम्मान दिया जाता है। इस दौरान भोजन, वस्त्र, आभूषण या अन्य उपहार भेंट करने की परंपरा भी कई परिवारों में निभाई जाती है। इसी परंपरा के तहत परिवार ने दामाद को सोने की अंगूठी देने का फैसला किया था।

महंगे उपहारों पर छिड़ी बहस
घटना के बाद अधिक मास में दिए जाने वाले महंगे उपहारों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। सामाजिक संगठनों का कहना है कि परंपराओं का सम्मान जरूरी है, लेकिन महंगे उपहारों के कारण कई परिवारों पर आर्थिक दबाव भी बढ़ता है। ऐसे में परंपरा और सामाजिक वास्तविकताओं के बीच संतुलन बनाए रखने की जरूरत है।


































