JALAUN NEWS : जालौन : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में एक महिला ने अपने देवर पर पति की मृत्यु के बाद मिली सरकारी आर्थिक सहायता राशि हड़पने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय को शिकायती पत्र सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को जांच के निर्देश दिए हैं।

उरई कोतवाली क्षेत्र के नया राजेंद्र नगर निवासी सुमन वर्मा, पत्नी स्वर्गीय विनोद कुमार वर्मा, ने बताया कि उनके पति पंचायती राज विभाग में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत थे। 31 दिसंबर 2018 को उनके निधन के बाद सरकार की ओर से आर्थिक सहायता के रूप में करीब 10 लाख रुपये विभिन्न किश्तों में प्रदान किए गए। इनमें 13 जनवरी 2022 को उनके कैनरा बैंक खाते में 8 लाख 64 हजार 889 रुपये की राशि भी जमा हुई थी।

महिला का आरोप है कि पारिवारिक दबाव के चलते उन्होंने यह पूरी धनराशि अपने बड़े देवर मनोज कुमार वर्मा को सौंप दी थी। मनोज कुमार वर्मा पेशे से शिक्षक हैं। पीड़िता के अनुसार, देवर ने इस राशि को डाकघर में तीन अलग-अलग बॉन्ड के रूप में पांच वर्षों के लिए निवेश कर दिया था। उस समय परिवार की ओर से भरोसा दिलाया गया था कि बॉन्ड की अवधि पूरी होने पर यह रकम उनकी बड़ी बेटी शिवानी वर्मा की शादी के लिए उपलब्ध करा दी जाएगी।

अब जब बेटी की शादी का समय नजदीक आ गया है और महिला ने अपनी जमा राशि वापस मांगी, तो देवर ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। महिला का आरोप है कि देवर यह कह रहे हैं कि उनके पास धनराशि देने का कोई लिखित प्रमाण नहीं है। हालांकि पीड़िता का दावा है कि उनके पास एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसमें मनोज कुमार वर्मा स्वयं स्वीकार करते सुनाई दे रहे हैं कि जमा की गई राशि सुमन वर्मा की ही है।

महिला ने जिलाधिकारी से न्याय दिलाने और अपनी धनराशि वापस दिलाने की गुहार लगाई है। फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




































