DURG NEWS. अंतरराष्ट्रीय नशीली दवाओं के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग द्वारा शुक्रवार को महावीर जैन पब्लिक स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणाम, कानून की जानकारी, साइबर अपराधों से बचाव तथा यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, दुर्ग की न्यायाधीश श्वेता पटेल, रवि कुमार कश्यप, अंजली सिंह, महिमा शर्मा एवं आरती ध्रुव विशेष रूप से उपस्थित रहे। विद्यालय की प्राचार्य सुनाली पातरा सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अतिथियों का स्वागत किया।

शिविर के दौरान न्यायाधीशों ने विद्यार्थियों को एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उसके परिवार, शिक्षा और भविष्य पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।

इसके अलावा विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए बिना हेलमेट और बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के वाहन नहीं चलाने की सलाह दी गई। साथ ही मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के बीच ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा करने जैसे साइबर अपराधों से बचने के महत्वपूर्ण उपाय भी बताए गए।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न कानूनी एवं सामाजिक विषयों पर उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे, जिनका न्यायाधीशों ने सरल और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से समाधान किया।
शिविर के समापन पर विद्यार्थियों को नशामुक्त जीवन अपनाने, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार रखने तथा कानून का सम्मान करते हुए जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। आयोजकों के अनुसार, यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों में कानूनी समझ, सामाजिक उत्तरदायित्व और अनुशासन की भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।






































