BILASPUR NEWS. शहर में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले शातिर बदमाशों का आतंक बढ़ता जा रहा है। सिविल लाइन क्षेत्र में बाइक सवार दो ठगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक युवक को रोक लिया और डिक्की चेकिंग के बहाने करीब 2 लाख रुपये के सोने के जेवर लेकर फरार हो गए। बदमाशों ने इतनी सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि युवक को ठगी का एहसास काफी देर बाद हुआ।

मिली जानकारी के अनुसार, नूतन चौक स्थित फ्रेंड्स रेसीडेंसी निवासी आशीष पांडेय गुरुवार सुबह करीब 11 बजे अपनी स्कूटी से पुराना हाईकोर्ट रोड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सीएमडी कॉलेज के पास बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि इलाके में नशीले पदार्थों की तस्करी की शिकायत मिली है और उनकी गाड़ी की जांच करनी होगी।

जेवर सुरक्षित रख लीजिए कहकर रचा पूरा खेल
बदमाशों ने बातचीत के दौरान इलाके में लूटपाट की घटनाओं का डर दिखाते हुए आशीष को सलाह दी कि वे अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतारकर डिक्की में रख लें। युवक उनके झांसे में आ गया। इसी दौरान आरोपियों ने जेवर को कागज में लपेटने का नाटक किया और हाथ की सफाई दिखाते हुए असली जेवर की जगह नकली पीतल के जेवर रख दिए।

वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी तेजी से मौके से फरार हो गए। कुछ दूरी तय करने के बाद जब आशीष ने डिक्की खोलकर देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। पैकेट में नकली जेवर रखे थे, जबकि असली सोने की चेन और अंगूठी गायब थी।

ईरानी गैंग की आशंका, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बाइक नंबर और आरोपियों की पहचान की जा सके।
पुलिस को आशंका है कि वारदात किसी अंतरराज्यीय ठग गिरोह या कथित ‘ईरानी गैंग’ ने अंजाम दी है। ऐसे गिरोह अक्सर पुलिस या अधिकारी बनकर लोगों को रोकते हैं और डर दिखाकर जेवर या नकदी ठग लेते हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सड़क पर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने कीमती सामान न निकालें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।




































